Parliament Monsoon Session: 'जनता ने आपको इसलिए नहीं चुना कि...', स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष को क्यों दी ये चेतावनी

लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग पर आरोपों को लेकर जोरदार हंगामा किया. हाथों में तख्तियां लेकर वेल तक पहुंचे सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जनता ने सांसदों को सरकारी संपत्ति नष्ट करने के लिए नहीं चुना है. विपक्ष अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार कर रहा है.

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Parliament Monsoon Session: लोकसभा में सोमवार को एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी सांसद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोपों को लेकर सदन के भीतर नारेबाजी और प्रदर्शन करते दिखे. सांसद हाथों में तख्तियां लेकर वेल तक पहुंच गए. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विपक्षी सांसदों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि जनता ने आपको सरकारी संपत्ति नष्ट करने के लिए नहीं चुना है.

स्पीकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सांसद नियमों का पालन नहीं किया गया तो उन्हें कठोर कार्रवाई करनी पड़ेगी. ओम बिड़ला ने कहा कि आप जितनी ऊर्जा नारे लगाने में लगा रहे हैं, उतनी ही ऊर्जा सवाल पूछने में लगाइए, यह जनता के लिए फायदेमंद होगा. यदि आप सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे तो मुझे निर्णायक कदम उठाने होंगे. देश की जनता आपको देख रही है.

SIR पर बहस की मांग

संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलना है, लेकिन लगातार विपक्ष के हंगामे और बार-बार स्थगन की वजह से अब तक कई कामकाज प्रभावित हुए हैं. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस सत्र में बिहार SIR पर बहस की मांग कर रहे हैं, जिसे केंद्र सरकार ने हर बार खारिज कर दिया है.

मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी

विपक्ष का आरोप है कि बिहार की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कई जगहों पर डुप्लीकेट एंट्री, शून्य नंबर वाले घरों पर वोटर पंजीकरण और एक ही पते पर दर्जनों वोटरों के नाम शामिल किए गए हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग 

सूत्रों के मुताबिक विपक्ष अब इस मुद्दे को और आगे बढ़ाने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं. वहीं, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है. लोकसभा अध्यक्ष की चेतावनी के बाद भी विपक्षी सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे और सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा.