नई दिल्ली: ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों की सांसें थाम दीं. चोराइखोला पहाड़ी पर शहद की तलाश में गया एक किशोर अचानक चट्टानों की गहरी और संकरी दरारों में इस तरह फंस गया कि उसका हिलना भी दूभर हो गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर सर्विस की कई टीमों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया.
स्थानीय लोगों के अनुसार यह हृदय विदारक हादसा उस समय हुआ जब किशोर शहद निकालने के लिए पहाड़ी के खतरनाक और फिसलन भरे रास्तों पर चढ़ा था. ऊँचाई पर स्थित शहद के छत्ते तक पहुँचने की जद्दोजहद में अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर विशाल चट्टानों की एक बेहद संकरी दरार के बीच जा समाया. वहां जगह इतनी कम थी कि वह खुद से बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ था. साथ आए लोगों ने कोशिश की लेकिन अंततः हार मान ली.
हादसे की सूचना मिलते ही नयागढ़ फायर सर्विस की कई टीमें बिना वक्त गंवाए बचाव उपकरणों के साथ चोराइखोला पहाड़ी की दुर्गम चोटियों की ओर रवाना हो गईं. पहाड़ी का रास्ता और चट्टानों की बेतरतीब बनावट इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई. दमकल कर्मियों के सामने चुनौती केवल भारी चट्टान को काटकर जगह बनाने की नहीं थी बल्कि संकरी जगह में फंसे किशोर को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकालने की भी थी. जवानों ने धैर्य से काम लिया.
#WATCH | Odisha: A minor boy got stuck in a rock crevice while collecting honey in Nayagarh's Choraikhola Hill of Nayagarah district. He has now been rescued after an 8-hour operation by Fire Service teams and sent to hospital. pic.twitter.com/n2Z8mK2TIf
— ANI (@ANI) May 6, 2026
यह ऑपरेशन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. पूरे 8 घंटों तक चले इस सघन बचाव अभियान में दमकल विभाग के जवानों ने अपनी पूरी जान लगा दी. संकरी दरारों के भीतर गहराई में फंसे किशोर तक पहुँचना तकनीकी और शारीरिक रूप से बेहद जटिल था. जवानों की अटूट तत्परता और निरंतर प्रयासों ने आखिरकार किशोर की सुरक्षित वापसी की राह को आसान बनाया. पहाड़ी की दरारों से सुरक्षित निकाले जाने के तुरंत बाद किशोर को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी गहन जांच कर रही है और उसे आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है. फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है.