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RE-EXAM की नई तारीखों का ऐलान, इस दिन होगी UGC-NET की परीक्षा...NTA ने अपनाया ये पैटर्न

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने यूजीसी - नेट सहित रद्द और स्थगित परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा कर दी है. यह परीक्षा नए सिरे से कंप्यूटर आधारित टेस्ट के पैटर्न के आधार पर होगी. यानी इस परीक्षा को ऑफलाइन के बदले ऑनलाइन कराया जाएगा. एनटीए ने पेपर लीक से बचने के लिए ये तैयारी की है. मालूम हो कि यह परीक्षा 18 जून को आयोजित हुई थी लेकिन अगले ही दिन इसे रद्द कर दिया गया था

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India Daily Live

परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर उठ रहे विवाद के बीच एनटीए ने शुक्रवार रात यूजीसी-नेट सहित रद्द और स्थगित परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा कर दी है. एनटीए ने पेपर लीक से बचने के लिए फिर पुराने पैटर्न के आधार पर इस परीक्षाओं को कराने का फैसला लिया है. एनटीए ने कहा कि यूजीसी-नेट का आयोजन अब 21 अगस्त से चार सितंबर तक किया जाएगा.

बता दें कि यह परीक्षा 18 जून को आयोजित हुई थी लेकिन अगले ही दिन इसे रद्द कर दिया गया था. इस परीक्षा को रद्द करने से पहले शिक्षा मंत्रालय को इस परीक्षा में पेपर लीक होने और टेलीग्राम पर इसके पेपर को प्रसारित करने की जानकारी मिल गई थी. जिसके बाद इस परीक्षा को होते ही इसे रद्द कर दिया गया.

ऑनलाइन होगी परीक्षा

वहीं अब फिर से होने जा रही परीक्षा नए सिरे और कंप्यूटर आधारित पैटर्न पर आयोजित की जाएगी, जो कि पूरे एक पखवाड़े तक चलेगी. सीएसआइआर यूजीसी-नेट, जिसे एहतियात के तौर पर स्थगित कर दिया गया था, उसे अब 25 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित की जाएगी. जबकि यूजीसी नेट जून 2024 चक्र 21 अगस्त से 4 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा. 

पेपर लीक की वजह से रद्द हुई थी परीक्षा

आइआइटी, एनआइटी, आरआइई और सरकारी कॉलेजों सहित चुनिंदा केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों या संस्थानों में चार इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीईपी) में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा अब 10 जुलाई को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा भी 12 जून को अपने निर्धारित समय से कुछ घंटे पहले ही स्थगित कर दी गई थी.

सीबीआई कर रही है पेपर लीक की जांच 

18 जून को आयोजित इस नेट यूजीसी की परीक्षा में  करीब 11 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था लेकिन पेपर लीक होने की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था. वहीं शिक्षा मंत्रालय ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है. जिसे लेकर जांच जारी है. इस परीक्षा को रद्द करने से पहले ही शिक्षा मंत्रालय को गृह मंत्रालय की साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की नेशनल साइबर क्राइम थ्रेच एनालिटिक्स यूनिट से परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी. इसके बाद परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पेपर को रीएग्जाम कराने का फैसला लिया गया.