'किताब की कोई कॉपी पब्लिश या बेची नहीं गई...', पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा पर बढ़ते बवाल पर पेंगुइन इंडिया ने दी सफाई

पूर्व आर्मी चीफ की आत्मकथा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पेंगुइन इंडिया ने कहा है कि किताब अभी तक पब्लिश या बिकी नहीं है. दिल्ली पुलिस कथित लीक की जांच कर रही है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे का संस्मरण किसी भी रूप में पब्लिश नहीं किया गया है. यह बात दिल्ली पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताब की बिना मंजूरी वाली कॉपी के कथित सर्कुलेशन को लेकर केस दर्ज करने के कुछ घंटों बाद कही गई है.

नरवणे के संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' पर बढ़ते विवाद के बीच पब्लिशर ने यह सफाई जारी की, जिसे अभी तक अधिकारियों से ऑफिशियल मंजूरी नहीं मिली है. एक ऑफिशियल बयान में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि उसके पास इस संस्मरण के अकेले पब्लिशिंग राइट्स हैं, लेकिन उसने किताब को प्रिंट या डिजिटल फॉर्म में रिलीज नहीं किया है.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने क्या कहा?

हम यह साफ करना चाहते हैं कि किताब पब्लिकेशन के लिए नहीं गई है. बयान में आगे कहा गया, 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब की कोई भी कॉपी - प्रिंट या डिजिटल फॉर्म में - पब्लिश, बांटी, बेची या किसी और तरह से पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं कराई है.'

इसमें चेतावनी दी गई है कि किताब का कोई भी वर्शन जो अभी सर्कुलेशन में है, चाहे वह प्रिंट, PDF या डिजिटल फॉर्मेट में हो, कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए. पब्लिशर ने आगे कहा कि वह मटीरियल के गैर-कानूनी और बिना इजाजत के फैलाने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और कहा कि यह बयान अपनी बात रिकॉर्ड पर रखने के लिए जारी किया गया था.

कब आई यह सफाई?

यह सफाई दिल्ली पुलिस द्वारा किताब की एक अनपब्लिश्ड कॉपी के कथित सर्कुलेशन पर FIR दर्ज करने के बाद आई है. एक ऑफिशियल बयान में पुलिस ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन फोरम पर उन रिपोर्टों पर ध्यान दिया है जिनमें दावा किया गया था कि संस्मरण का प्री-प्रिंट वर्शन सक्षम अधिकारियों से जरूरी मंजूरी के बिना शेयर किया जा रहा था.

जांच करने वालों ने क्या बताया?

जांच करने वालों के मुताबिक एक टाइपसेट किताब का PDF जो शायद पब्लिशर ने तैयार किया था, कुछ वेबसाइटों पर मिला. कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताब का कवर भी दिखाया गया था. अगर यह खरीदने के लिए उपलब्ध होती.

पुलिस ने कहा कि उन्होंने अभी तक अप्रूव नहीं हुए पब्लिकेशन के कथित लीक या ब्रीच की पूरी जांच के लिए स्पेशल सेल में केस दर्ज किया है और जांच की जा रही है.