मुंबई पुलिस ने सुलझाई डबल मर्डर केस की गुत्थी, एक एजेंट ने दूसरे को मारने की दी थी सुपारी
Mumbai Crime: नवी मुंबई पुलिस ने रियल एस्टेट एजेंट सुमित जैन और आमिर खानजादा की हत्या के दोहरे मामले को सुलझा लिया है. जमीन के सौदे के विवाद के चलते जैन ने खानजादा को खत्म करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर को काम पर रखा था. इसके बाद किलर्स ने जैन की भी हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.वहीं, एक अभी भी फरार है.
Mumbai Crime: नवी मुंबई में एक हफ्ते पहले लापता हुए दो रियल स्टेट एजेंट शव बरामद हो गए हैं. पुलिस ने डबल मर्डर कांड की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस जांच के मुताबिक, एक एजेंट ने दूसरे एजेंट को मारने की सुपारी दी थी लेकिन सुपारी किलर ने दोनों की ही हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है वह सभी हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं, एक अपराधी अभी भी फरार है. अब इस पूरे मामले को जान लीजिए.
39 वर्षीय सुमित जैन नाम के रियल स्टेट एजेंट का शव 23 अगस्त को रायगढ़ स्थित पेन खोपोली रोड पर मिला था. वहीं दूसरे एजेंट आमिर खानजादा (42) जिसके लिए सुपारी किलर को हायर किया गया था का शव 27 अगस्त को करनाला बर्ड सैंक्चुरी के पास मिला.
जमीन को लेकर विवाद
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, जोन 1 के डीसीपी पंकज दहाणे ने बताया कि जैन ने पाली के रायगढ़ में 2 करोड़ रुपये में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी. चूंकि इस जमीन का असली मालिक मर चुका था तो दोनों ने जमीन का एक नकली मालिक तैयार किया और उससे जमीन की रजिस्ट्री करा ली. वहीं दूसरे एजेंट आमिर खानजादा को इस धोखाधड़ी के बारे में पता था. इसलिए उसने जैन से हिस्सा मांगा. यहीं से दोनों एजेंट के बीच विवाद हो गया.
हत्या के लिए हायर किए किलर
पुलिस ने बताया कि जैन ने इसके लिए नाकाडे को सुपारी किलर ढूंढ़ने और खानजादा की हत्या करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की. हत्या के बाद, जब किलर्स ने भुगतान मांगा तो जैन ने कथित तौर पर दावा किया कि उसने उन्हें 25 लाख रुपये की पेशकश की थी.
पुलिस को बताने का था प्लान
पुलिस ने बताया कि जैन के खिलाफ धोखाधड़ी के कई आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं, जिसमें फर्जी जमीन मालिक बनाने और फिर इन संपत्तियों को बेचने के अपराध शामिल हैं. एसीपी ( क्राइम ) अजय लांडगे ने बताया कि 21 अगस्त को जैन ने खानजादा से कहा कि उन्हें रायगढ़ में कुछ संपत्ति के लिए एक मीटिंग में शामिल होना है. दोनों खानजादा की कार में साथ चलने के लिए नेरुल में मिले. जैन की योजना के अनुसार, खानज़ादा को एक कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कार में ही गोली मार दी. इस दौरान जैन ने भी अपने पैर में गोली मार ली क्योंकि सुमित जैन ने खानजादा को किडनैप के प्रयास में मारे जाने का नाटक करने की योजना बनाई थी. उसकी प्लानिंग पुलिस को इस घटना के बारे में बताने की थी.
किलर्स के साथ पैसों को लेकर नोक-झोंक
खानजादा के शव को फेंकने के लिए छह लोग करनाला बर्ड सैंक्चुरी की ओर चले गए. इसी दौरान किलर्स ने जैन से पैसा मांगा. जैन ने उन्हें 25 लाख रुपये देते हुए दावा किया कि यह डील 25 लाख रुपये में की गई थी. वहीं, दूसरी ओर सुपारी किलर ने दावा किया कि उसके साथी नाकाडे ने 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी. नाकाडे और हत्यारों को जैन की ओर से गड़बड़ी का संदेह था. इस बीच एक किलर ने जैन के पैर में चाकू मार दिया जिसमें उसके गोली लगी थी और उसे पेन-खोपोली रोड पर सड़क के किनारे फेंक दिया. दो दिनों तक जैन के बारे में पता नहीं चला. चूंकि उसके पैर में गोली लगी थी ऊपर से उस पर चाकू से वार किया गया इस कारण जख्म काफी गहरा हो गया. जख्म गहरा होने की वजह से काफी खून बहा, ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, उसने इस घटना में शामिल जैन के साथी विट्ठल नाकाडे (43) के अलावा कॉन्ट्रैक्ट किलर वीरेंद्र कदम (24) कांजुरमार्ग से, अंकुश सीतापुरे (35) उल्हासनगर से, जयसिंह उर्फ राजा मुदलियार (38) बदलापुर से और आनंद उर्फ एंड्री क्रूज़ (39) नेरुल से हैं को गिरफ्तार किया है.