कोलकाता केस: 6 का पॉलीग्राफी टेस्ट, रिमांड नोट में गैंगरेप की चर्चा नहीं, परिवार ने किसे ठहराया जिम्मेदार?
आरजी कर अस्पताल में रेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जहां उसे प्रेसीडेंसी जेल ले जाया गया, जहां उसे 24 घंटे मैनुअल और जेल में अकेले सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है. वहीं अब इस केस में संजय रॉय समेत 6 लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट होगा.
कोलकाता आरजी कर मेडिकल अस्पताल में बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार किए जाने वाले मात्र एक आरोपी संजय रॉय को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. हालांकि इस दौरान सीबीआई द्वारा द्वारा भेजे गए रिमांड नोट में सामूहिक बलात्कार या 9 अगस्त को हुए अपराध में से एक से अधिक लोगों की संभाविता का कोई जिक्र नहीं है. वहीं पीड़िता के माता पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या से पहले उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और इस अपराध के लिए कई लोग जिम्मेदार हो सकते हैं.
पीड़िता के पैरेंट्स ने अब कोलकाता हाई कोर्ट में न्यायालय की देखरेख में जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की है, जिसमें गैंगरेप के संदेह का हवाला भी दिया गया है.
सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया आरोपी संजय रॉय
निचली अदालत ने कोलकाता यातायात पुलिस के स्वयंसेवक संजय रॉय को 6 सितंबर के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि उसे प्रेसीडेंसी जेल ले जाया गया, जहां उसे 24 घंटे मैनुअल और जेल में अकेले सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है.
धारा 64, 103(1)
आरोपी संजय रॉय के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64( बलात्कार के लिए 10 साल से आजीवन कारावास) और 103(1)(हत्या के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड) लगाई गई है. आगे जांच की बेसिस पर दंडात्मक धाराएं हटाई या लगाई जा सकती है. 13 अगस्त को कोलकाता पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी संभालने वाली केंद्रीय जांच एजेंसी ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी थी. 5 सितंबर को अपडेट रिपोर्ट दाखिल किया जाएगा.
आरोपी संजय रॉय समेत 6 लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट
अब इस केस में आरोपी संजय रॉय समेत 6 लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट होगा. इसमें कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के अलावा पीड़िता डॉक्टर के साथ घटना वाली रात को जिन 4 डाक्टर ने डिनर किया उनका नाम भी शामिल है.
बता दें कि आरोपी संजय रॉय को कल यानी शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सियालदह कोर्ट में पेश किया गया था. इस दौरान सियालदह रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क से सटे परिसर के मेन गेट का घेराव कर दिया गया था. यहां 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी पहरा दे रही थी. स्टेशन की ओर से भी एंट्री बंद कर दी गई थी. बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.