हनुमान चालीसा का कर डाला ट्रांसलेशन, कौन हैं मशहूर लेखक विक्रम सेठ?
Know About Vikram Seth: फेमस राइटर विक्रम सेठ ने 'हनुमान चालीसा का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया है. बता दें, विक्रम सेठ कवि, नॉवेलिस्ट, ट्रेवल राइटर, लिब्रेटिस्ट हैं. उनका जन्म कोलकाता में 20 जून 1952 को हुआ था. उन्होंने कई पॉपुलर किताब लिखी है जिसके लिए उन्हें अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया है. फेमस नॉवेल 'ए सूटेबल बॉय' के लेखक विक्रम सेठ हैं.
Who Is Vikram Seth: फेमस राइटर विक्रम सेठ ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध कृति 'हनुमान चालीसा का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया है. एक दशक से ज्यादा समय होने के बाद यह उनकी पहली रचना है. रविवार को प्रकाशन गृह स्पीकिंग टाइगर ने इसकी अनाउंसमेंट की है. इस किताब में देवनागरी भाषा के साथ रोमन के साथ-साथ अंग्रेजी अनुवाद भी होंगे.
यह खबर आने के बाद लोगों का एक ही प्रश्न है कि आखिर लेखक विक्रम सेठ कौन हैं. आइए लेखक विक्रम सेठ के बारे में विस्तार से जानते हैं. विक्रम सेठ एक भारतीय कवि, नॉवेलिस्ट, ट्रेवल राइटर, लिब्रेटिस्ट हैं. स्टैनफोर्ड में डॉक्टरेट की पढ़ाई के दौरान, उन्होंने चीन में अपना फील्ड वर्क किया और हिंदी और चीनी कविता का अंग्रेजी में अनुवाद किया करते थे. वह झिंजियांग और तिब्बत के माध्यम से दिल्ली लौटे थे. जिसके वजह से हेवन लेक: ट्रेवल्स थ्रू सिंकियांग एंड तिब्बत (1983) की एक ट्रेवल नॉवेल सामने आई. बता दें, इस किताब ने थॉमस कुक ट्रैवल बुक अवार्ड भी जीता था.
विक्रम सेठ की पॉपुलर नॉवेल
विक्रम सेठ की द गोल्डन गेट: ए नॉवेल इन वर्स (1986) उनकी पहला नॉवेल थी जिसमें कैलिफोर्निया में रहने वाले दोस्तों के एक ग्रुप के एक्सपीरियंस के बारे में बताया था. 1950 के समय पर बनी भारतीय जीवन की नॉवेल 'ए सूटेबल बॉय' (1993) के लिए उन्हें WH स्मिथ साहित्य पुरस्कार और कॉमनवेल्थ राइटर्स का अवॉर्ड मिला था. इसके अलावा विक्रम सेठ ने कई बेहतरीन किताब लिखी है जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से नवाजा गया है.
कौन हैं विक्रम सेठ?
बता दें, विक्रम सेठ का जन्म भारत के कोलकाता में 20 जून 1952 को हुआ था. उनके पिता का नाम प्रेम नाथ सेठ और मां का लीला सेठ है . वह बाटा शूज के कार्यकारी (Executive) थे. उनकी मां ट्रेनिंग द्वारा बैरिस्टर, दिल्ली उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बन गई. विक्रम सेठ ने अपनी पढ़ाई सेंट माइकल हाई स्कूल, पटना और देहरादून में द डॉन स्कूल में की है.