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 'ऋषि के सम्मान में बदला जा सकता है कश्मीर का नाम,' अमित शाह के बयान पर छिड़ी बहस

गुरुवार को अमित शाह ने कहा कि अब कश्मीर क्षेत्र में लोकतंत्र मजबूती से स्थापित हो चुका है और उन्हें उम्मीद है कि जो कुछ भी खोया है, उसे जल्द ही वापस पा लिया जाएगा. इस दौरान अमित शाह के कश्मीर का नाम बदलने वाले बयान ने लोगों का सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया. 

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Kamal Kumar Mishra

Kashmir: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान ने कश्मीर को लेकर नई बहस छेड़ दी है. गुरुवार को कश्मीर दौरे के दौरान अमित शाह ने कहा कि महर्षि कश्यप के सम्मान में कश्मीर का नाम बदला जा सकता है. इस दौरान उन्होंने कश्मीर की प्रगति पर खुशी भी जाहिर की. दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं. 

'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेस' नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए शाह ने प्राचीन ऋषि महर्षि कश्यप का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि ऋषि के सम्मान में कश्मीर का नाम बदला जा सकता है. महर्षि कश्यप को कश्मीर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता है और इस क्षेत्र से उनका संबंध लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चर्चा का विषय रहा है.

कुछ लोगों ने किया समर्थन तो कुछ ने किया विरोध

कश्मीर का नाम बदलकर 'महर्षि कश्यप' करने के सुझाव ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. इस बयान के बाद राजनीतिक नेता, इतिहासकार और आम लोग सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा कर रहे हैं. कुछ लोग इसे क्षेत्र को उसकी प्राचीन जड़ों से फिर से जोड़ने के अवसर के रूप में देखते हैं, वहीं अन्य लोग ऐसे बदलाव की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं. 

कौन हैं महर्षि कश्यप

महर्षि कश्यप, एक पूजनीय वैदिक ऋषि और सप्तऋषियों में से एक हैं. हिंदू धर्म और प्राचीन भारतीय दर्शन में एक प्रमुख स्थान रखते हैं. ऋग्वेद और अन्य वैदिक ग्रंथों में उनके योगदान के लिए जाना जाता है. महर्षि कश्यप को भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में सबसे प्राचीन और सम्मानित ऋषियों में से एक माना जाता है.

अर्थ एवं व्युत्पत्ति

कश्यप नाम का अर्थ संस्कृत में 'कछुआ है, जो धीरज और दीर्घायु का प्रतीक है. यह नाम कई प्राचीन भाषाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें अवेस्तान और सोग्डियन शामिल हैं, जो सभ्यताओं में कछुए के लिए एक सामान्य सांस्कृतिक संदर्भ का सुझाव देते हैं.