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जानें कौन हैं जसदीप सिंह गिल, जिन्हें बनाया गया राधा स्वामी सत्संग ब्यास का नया प्रमुख

जसदीप सिंह गिल ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी किया है, साथ ही उन्होंने एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया है. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन और मास्टर्स की डिग्री भी ली है.

@Gagan4344
India Daily Live

धार्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) ने सोमवार को 45 वर्षीय जसदीप सिंह गिल को संगठन का नया प्रमुख घोषित कर दिया. राधा स्वामी सत्संग ब्यास का मुख्यालय अमृतसर के नजदीक ब्यास नदी पर बना हुआ है. सोमवार को संगठन के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने जसदीप सिंह गिल को संगठन का नया प्रमुख घोषित किया.

गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने केमिकल इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट और आईआईटी दिल्ली के के पूर्व छात्र जसदीप सिंह को अपना संरक्षक और संत सतगुरु नामित किया है. RSSB के सचिव देवेंदर कुमार सिकरी ने एक बयान जारी कर कहा, 'बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने सुखदेव सिंह गिल के बेटे जसदीप सिंह गिल को 2 सितंबर 2024 से तत्काल प्रभाव से राधा स्वामी सत्संग ब्यास सोसायटी का संरक्षक नियुक्त किया है.'

सिकरी ने आगे कहा, 'बाबा गुरिंदर ढिल्लों के बाद राधा स्वामी सत्संग ब्यास सोसायटी के अगले संत सतगुरु भी जसदीप सिंह गिल ही होंगे और दीक्षा देने का अधिकार होगा. बाबा जी ने कहा  जैसे हुजूर महाराज जी के बाद उन्हें संगत का प्यार मिला उम्मीद है संरक्षक और संग सतगुरु के रूप में वहीं प्यार और स्नेह अपनी सेवा के दौरान जसदीप सिंह गिल को भी मिलेगा.'

इन कंपनियों में निभाई अहम भूमिका

इससे पहले जसदीप सिंह गिल फार्मास्युटिकल कंपनी सिप्ला लिमिटेड में चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने वहां 2019 से 31 मई 2024 तक काम किया. इसके अलावा उन्होंने एथ्रिस और अचिरा लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ बोर्ड ऑब्जर्वर के रूप में काम किया. मार्च 2024 तक वह वेल्दी थेरेप्यूटिक्स के बोर्ड मैंबर भी रहे. इससे पहले उन्होंने रेनबैक्सी में एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट और सीईओ की भूमिका निभाई. इसके अलावा वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी एन्त्रेप्रिनियोर के प्रेसिडेंट और चेयरमैन भी रहे.

उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी किया है, साथ ही उन्होंने एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया है. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन और मास्टर्स की डिग्री भी ली है.