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फाइनेंशियल ईयर 2024 में जीडीपी 8% के पार, नई सरकार के लिए इसके क्या मायने?

India GDP Growth: लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण की वोटिंग से कुछ घंटे पहले अच्छी खबर आई. फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही है. ये आंकड़े उम्मीदों से कहीं अधिक हैं.

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India GDP Growth:  फाइनेंशियल ईयर 203-24 में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 फीसदी रही है, जो उम्मीदों से कहीं ज्यादा है. इसी दौरान पड़ोसी चालबाज चीन की जीडीपी 4.5 रही है. इस मामले में देखें तो भारत की अर्थव्यवस्था ने दोगुनी गति से रफ्तार भरी है. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी का प्रोविजनल एस्टिमेट भी जारी किया है. पिछले फाइनेंशियल इयर में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रही थी, जो इस बार रिजर्व बैंक के अनुमान से 1.2 फीसदी ज्यादा है.

फाइनेंशियल इयर 2024 की चौथी तिमाही यानी, जनवरी-मार्च 2024 में जीडीपी की रफ्तार 7.8% रही, जो फाइनेंशियल इयर 2023 में समान तिमाही में 6.1% रही थी.  बीते वित्त वर्ष की पहली 3 तिमाही यानी जून तिमाही में 8.2, सितंबर में 8.1 और दिसंबर में 8.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. चौथी तिमाही में ये रफ्तार 7.8 फीसदी रही है.

जीडीपी की रफ्तार के नई सरकार के लिए क्या मायने?

जीडीपी की रफ्तार, नई सरकार के लिए मजबूत नींव रखती है. इस रफ्तार के जरिए आने वाली सरकार को आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) की ओर से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ये डेटा जारी किया गया. डेटा के मुताबिक, जनवरी से मार्च तिमाही में जीडीपी रेट 7.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, जो इससे पहले के तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर में 8.6 फीसदी की रफ्तार से कुछ कम है. 

प्रधानमंत्री मोदी बोले- ये अभी ट्रेलर है

जीडीपी की रफ्तार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 2023-24 के चौथी तिमाही के आंकड़े भारत की इकोनॉमी में मजबूती को दिखाते हैं, जो आगे और अच्छी रहेगी. उन्होंने कहा कि आने वाली चीजों के लिए ये बस ट्रेलर है. 

चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों की बड़ी बातें

भारत का आर्थिक प्रदर्शन उम्मीदों से बेहतर बना हुआ है. 2024 के वित्तीय वर्ष के लिए देश की जीडीपी वृद्धि का अंतिम अनुमान 8.2% है, जो फरवरी में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से लगाए गए 7.6% के अनुमान से अधिक है.

जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था साल-दर-साल 7.8% की अपेक्षा से अधिक तेज़ गति से बढ़ी, जो विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत वृद्धि से प्रेरित थी. पूरे वर्ष 2023-24 के लिए ये अनुमान लगाया गया है कि भारत की जीडीपी में 8.2% की मजबूत वृद्धि हुई है. अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि यह गति पूरे वर्ष मजबूत रहेगी.

भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023/24 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि को संशोधित कर 8.2% कर दिया है, जिससे भारत दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है. इसकी तुलना में, चीन ने 2024 की पहली तिमाही में 5.3% की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की.

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर, वित्त वर्ष 2023-24 में वास्तविक जीडीपी 173.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. ये पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी के पहले संशोधित अनुमानों की तुलना में है, जो 160.71 लाख करोड़ रुपये था. 2023-24 की मार्च तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी 47.24 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 43.84 लाख करोड़ रुपये थी.

निर्माण क्षेत्र में मजबूत वृद्धि देखी गई, जो तिमाही में 8.7 प्रतिशत तक बढ़ गई, जो 2022-23 की इसी अवधि में देखी गई 7.4 प्रतिशत की वृद्धि को पार कर गई. हालांकि, कृषि क्षेत्र में वृद्धि में मंदी देखी गई, जो पिछले वर्ष के 7.6 प्रतिशत से घटकर 0.6 प्रतिशत रह गई.