हाथरस कांड में सरकार का पहला एक्शन, SDM समेत 6 अफसर सस्‍पेंड

हाथरस कांड में यूपी की योगी सरकार ने एक्शन लिया है. SDM, CO समेत 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. इस हादसे की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने सोमवार रात 900 पेज की रिपोर्ट यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी. रिपोर्ट के बाद योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरामऊ के एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत छह लोगों को सस्‍पेंड कर दिया है.

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हाथरस कांड में यूपी की योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए SDM, CO समेत 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को सत्‍संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने रिपोर्ट शासन को भेज दिया है.  SIT ने सोमवार रात 900 पेज की रिपोर्ट यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी.

एसआईटी की रिपोर्ट में कई अधिकारियों पर निशाना साधा गया है. हालांकि रिपोर्ट में भोले बाबा के नाम का जिक्र तक नहीं है. आयोजकों और अफसरों को जिम्‍मेदार माना गया है. रिपोर्ट के बाद योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरामऊ के एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत छह लोगों को सस्‍पेंड कर दिया है. इनमें चौकी इंचार्ज कचौरा और चौकी इंचार्ज पोरा भी शामिल हैं.

एसआईटी रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजक मुख्‍य जिम्‍मेदार हैं. स्‍थानीय प्रशासन की इसमे जवाबदेही बनती है. हादसे की पीछे कोई साजिश है इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता. हादसा आयोजकों की लापरवाही से हुआ. स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया. रिपोर्ट में भगदड़ में मरे लोगों के परिजनों और  घायल श्रद्धालुओं के भी बयान दर्ज किए गए हैं. इसमें आयोजन स्थल में अनुमति से अधिक लोगों को बुलाए जाने का भी जिक्र किया गया है. 

भगदड़ को बताया साजिश

भोले बाबा उर्फ साकार विश्व के वकील एपी सिंह ने हाथरस भगदड़ की थ्योरी दी है. उसके वकील एपी सिंह ने दावा किया कि सत्संग में 10 से 12 लोग जहरीला स्प्रे लेकर आए थे. भीड़ में वो स्प्रे छिड़कर भाग गए. वकील ने इसे साजिश बता दिया. उन्होंने मांग की इस घटना की जांच होनी चाहिए. सीसीटीवी सीज किए जाएं और इसका पता लगाए जाए कि इसके पीछे कौन लोग थे. 

मारे गए थे 121 लोग

बता दें कि 2 जूलाई को यूपी के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी. जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में महिलाएं अधिक थीं. साथ ही कई बच्चों की भी दबकर मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा छह और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. ये सभी आरोपी सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे.