गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मृत्यु की पुष्टि DNA टेस्ट के बाद हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि उनका शव जल्द ही उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद राजकोट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
अहमदाबाद विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मृत्यु हो गई. अब उनका DNA टेस्ट मैच करा लिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि उनका शव जल्द ही उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद राजकोट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस हादसे में मरने वालों की संख्या 275 तक पहुंच गई है, और शवों की पहचान के लिए DNA जांच का काम तेजी से चल रहा है. रविवार सुबह तक 248 शवों के DNA सैंपल लिए गए, जिनमें से 31 की पहचान हो चुकी है. इनमें से 20 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, साथ ही उनके मृत्यु प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं.
12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI-171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनीनगर क्षेत्र में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गया. इस विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत कुल 242 लोग सवार थे. हादसे में केवल एक यात्री, भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, जीवित बचे, जो वर्तमान में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती हैं.
लंदन जा रहे थे रूपाणी
68 वर्षीय विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री रहे, इस हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल थे. वह अपनी पत्नी और बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे. रूपाणी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था. उन्होंने 1976 के आपातकाल के दौरान जेल भी काटी थी. राजकोट के मेयर, राज्यसभा सांसद, और गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया. उनकी मृत्यु को बीजेपी और गुजरात की राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान बताया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूपाणी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, विजयभाई के साथ मेरा वर्षों का रिश्ता रहा. हमने कई चुनौतीपूर्ण समय में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया. उनकी सादगी, मेहनत और पार्टी के प्रति समर्पण अविस्मरणीय है.