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प्रेमिका को पहले बनाया मां, फिर जुड़वा बच्चों समेत कर दी हत्या; अपराध के 19 साल बाद 2 पूर्व सैनिक गिरफ्तार

सीबीआई ने दो पूर्व सैन्य कर्मियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें 19 साल पहले सेना द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया था. ये दोनों केरल में ट्रीपल मर्डर करने के बाद वहां से भाग गए थे और अपनी पहचान पूरी तरीके से बदल ली थी.

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Shanu Sharma

Triple Murder in Kerala: एक इंसान खुद सही साबित करने के लिए कितनी गलतियां कर सकता है वो केरल की ये कहानी चिल्ला-चिल्ला कर बता रही है. आज से लगभग 19 साल पहले दो सैन्य कर्मियों ने मिलकर जुड़वां बच्चियों के साथ-साथ उसकी मां की भी हत्या कर दी थी. साल 2006 में केरल की रहने वाली रंजिनी नाम की एक महिला और उसकी जुड़वां बेटियों की हत्या कर दी गई थी. उस समय वो बच्ची महज 17 दिन की थी. 

यह पूरा मामला 10 फरवरी 2006 का है. रंजिनी अपनी जुड़वां बेटियों और अपनी मां के साथ केरल के कोल्लम में एक किराए के घर पर रहती थी. इस दिन रंजिनी की मां अपनी बेटी के दोनों बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए पंचायत कार्यालय में गई थी. लेकिन जब तक वो वापस आई तब तक तीनों की हत्या कर दी गई. जिसके बाद पुलिस इस मामले की तलाश में जुट गई. 

पाटर्निटी टेस्ट का आदेश 

मामले की जांच के दौरान पता चला कि अंचल के रहने वाले दिबिल कुमार बी, जिनकी उम्र उस समय 28 साल थी, दिबिल उस समय पठानकोट में भारतीय सेना की 45 ए.डी. रेजिमेंट में सेवारत थे. दिलबिल और रंजिनी दोनों एक रिश्ते में थे. लेकिन बच्ची के होने के बाद दोनों ने एक दूसरे से दूरी बना ली. जिसके बाद अविवाहित मां ने केरल राज्य महिला आयोग से मदद की गुहार लगाई. महिला आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दिलबिल कुमार का पाटर्निटी टेस्ट करने का आदेश दिया. जिसके बाद दिलबिल ने गुस्से में आकर दोनों बच्चियों के साथ उसकी मां की भी हत्या कर दी. 

क्या है पूरा मामला?

दिलबिल तीनों की हत्या करने के बाद फरार हो गया, जिसके बाद मार्च 2006 में सेना की ओर से उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया. स्थानिय पुलिस द्वारा दिलबिल को खोजने की पूरी कोशिश की गई. गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए के 2 लाख रुपये का इनाम रखा गया, इसके बाद भी आरोपी का कोई पता नहीं मिला. जिसके बाद ये मामला केरल उच्च हाई कोर्ट के आदेश पर ये मामला 2010 में सीबीआई को सौंप दिया गया. काफी खोज बीन करने के बाद भी जांच एजेंसी को सफलता नहीं मिली. जिसके बाद कई सालों तक ये मामला ठंडा रहा. 

अब19 साल बाद अचानक सीबीआई को सूचना मिली की दिलबिल अपना नाम बदल कर पुजुचेरी में रह रहे हैं. उन्होंने अपना आधार कार्ड भी बदलवा लिए हैं. दिलबिल के साथ दूसरा आरोपी राजेश भी रह रहा है. दोनों ने अपनी पहचान पूरी तरह से बदल ली है. दोनों ने दो शिक्षिकाओं से शादी कर ली और उनके बच्चे भी है. शुक्रवार को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को उन्हें एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया. जिसके बाद दोनों को 18 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं सीबीआई की ओर से उनकी हिरासत की मांग की जा रही है.