ओडिशा में खनन अधिकारी के घर रेड, मिला 4 करोड़ नकद का विशाल 'खजाना'; जानें कहां छिपाई थी 'काली कमाई'?

ओडिशा विजिलेंस ने कटक के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस देबब्रत मोहंती को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. छापेमारी के दौरान उनके भुवनेश्वर स्थित फ्लैट से 4 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी बरामद की गई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के काले साम्राज्य का भंडाफोड़ किया है. कटक सर्कल में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस के पद पर तैनात देबब्रत मोहंती को विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. आरोपी अधिकारी ने एक लाइसेंसधारी व्यवसायी से उसके कोल डिपो के संचालन और कोयला परिवहन की अनुमति देने के एवज में इस रकम की मांग की थी.

विजिलेंस विभाग द्वारा बिछाए गए जाल में मोहंती के फंसते ही विभाग ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है. गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस की टीमों ने उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की. जब टीम भुवनेश्वर के पटिया स्थित 'नेचर्स क्रेस्ट अपार्टमेंट' के फ्लैट नंबर 302 में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए.

अलमारियों और ट्रॉली बैगों में छिपाई गयी थी काली कमाई

जांच के दौरान फ्लैट की अलमारियों और ट्रॉली बैगों में छुपाकर रखे गए 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए हैं. विजिलेंस के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी नकद जब्ती मानी जा रही है. फिलहाल मशीनों के जरिए नकदी की सटीक गिनती की जा रही है.

आलीशान संपत्तियों और सोने का भी खुलासा 

देबब्रत मोहंती के केवल घर ही नहीं, बल्कि उनके कार्यालय से भी संदिग्ध नकदी बरामद हुई है. कटक स्थित उनके कार्यालय के ड्रॉअर और व्यक्तिगत तलाशी में 1.20 लाख रुपये नकद मिले हैं. इसके अतिरिक्त, जांच में भुवनेश्वर के पहाला इलाके में 2400 वर्गफुट में बना एक दो मंजिला आलीशान मकान और लगभग 130 ग्राम सोना भी सामने आया है.

अधिकारी के पैतृक आवास पर भी तलाशी जारी

विजिलेंस विभाग के अनुसार, भद्रक के माथासाही स्थित उनके पैतृक आवास पर भी तलाशी ली जा रही है. इस बड़ी कार्रवाई ने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. विजिलेंस अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी अधिक बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों का खुलासा हो सकता है.