दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ में खुला था 'शराब घोटाला', सुप्रीम कोर्ट ने जो किया उससे खुश हो जाएंगे अरविंद केजरीवाल
Chhattisgarh Liquor Scam Case: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाले मामले में आरोपियों को बड़ी राहत दी है. इस दौरान कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को रद्द कर दिया है.
Chhattisgarh Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ईडी की शिकायत आयकर अधिनियम के अपराध पर आधारित थी, जो पीएमएलए के अनुसार अनुसूचित अपराध नहीं है.
जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुइयां की पीठ ने आगे कहा कि चूंकि कोई विधेय अपराध नहीं है, इसलिए अपराध की आय नहीं हो सकती है. कोर्ट ने आगे कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी नहीं बनता है.
'आरोपी के खिलाफ नई शिकायत दर्ज की जा सकती है'
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान बरामद की गई सामग्रियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी के खिलाफ नई शिकायत दर्ज की जा सकती है. अदालत ने इससे पहले ED को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा समेत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए थे.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि ED छत्तीसगढ़ में साल 2019 से 2022 के दौरान हुए कथित शराब घोटाले की जांच कर रही है. केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी का ED है कि CSMCL से खरीदे गए शराब मामले के आधार पर प्रदेश में डिस्टिलर्स से रिश्वत ली गई थी और देशी शराब को ऑफ-द-बुक बेचा जा रहा था. ED की मानें तो डिस्टिलर्स से कार्टेल बनाने और एक निश्चित बाजार हिस्सेदारी की अनुमति देने के लिए रिश्वत ली गई थी.