‘माउस खराब, सिस्टम से लॉगआउट’! बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल, छात्रों को मिला अभिजीत दिपके का साथ

बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा के टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी खामियों के आरोप लगे हैं. छात्रों की दोबारा परीक्षा की मांग का समर्थन करते हुए CJP संस्थापक अभिजीत दिपके उनके प्रोटेस्ट में शामिल हो गए हैं.

@Cockroachisback
Sagar Bhardwaj

बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती के लिए रविवार को आयोजित टाइपिंग टेस्ट को लेकर महाराष्ट्र में विवाद खड़ा हो गया. छात्रों ने परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम और दूसरे उपकरणों में तकनीकी खराबी का आरोप लगाया. उनका दावा है कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद कई अभ्यर्थियों को सिस्टम से लॉगआउट कर दिया गया और बाद में उन्हें असफल घोषित कर दिया गया. इन घटनाओं को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठाई.

माउस और कीबोर्ड में खराबी का दावा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्रों से मिली जानकारी के आधार पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए. दिपके के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा शुरू करने के लिए बैठते ही उन्हें खराब माउस और काम नहीं कर रहे कीबोर्ड जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि करीब 10 मिनट के भीतर बड़ी संख्या में छात्र सिस्टम से बाहर हो गए और इसके बाद उन्हें फेल घोषित कर दिया गया.

 व्यवस्था पर दिपके ने उठाए सवाल

अभिजीत दिपके ने इस पूरे घटनाक्रम को सिस्टम और सरकारी व्यवस्था की विफलता बताया. उनका सवाल था कि यदि ऑनलाइन परीक्षा के लिए पर्याप्त तकनीकी ढांचा उपलब्ध नहीं है तो ऐसी परीक्षाएं आयोजित क्यों की जाती हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर, कीबोर्ड और माउस की पहले से जांच होनी चाहिए थी. साथ ही सर्वर की क्षमता और कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, ताकि अभ्यर्थियों को तकनीकी वजहों से नुकसान न उठाना पड़े.


 री-एग्जाम की मांग पर टिकी नजर

छात्रों की मुख्य मांग है कि तकनीकी समस्याओं से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए. उनका कहना है कि यदि खराब उपकरण या सिस्टम संबंधी समस्या के कारण परीक्षा प्रभावित हुई है तो उसका खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए. फिलहाल इस मामले में छात्रों के आरोपों और विरोध के बीच संबंधित अधिकारियों की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है.