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हिस्ट्रीशीटर का खौफनाक अंत, एक दिन पहले 2 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 24 घंटे बाद जिंदगी 'फ्रीज', मिली दर्दनाक मौत

कहते हैं जब मौत आती है तो किसी ना किसी बहाने से आती है. विरधाराम के साथ भी ऐसा ही हुआ. दो-दो बसों और कई लग्जरी कारों का मालिक विरधाराम अकसर महंगी और बेहद सुरक्षित गाड़ी से चलता था लेकिन 11 तारीख को विरधा सुरक्षा के मानकों पर काफी खराब प्रदर्शन करने वाली स्विफ्ट में बैठकर अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए बिहार के गया चल दिया.

Sagar Bhardwaj

दुनिया में एक चीज सत्य है और वह है मौत, और इस मौत का कोई समय नहीं. हिस्ट्रीशीटर विरधाराम सियोल की कहानी तो अब तक आपके कानों में पड़ ही गई होगी. 10 फरवरी यानी एक दिन पहले जिस हिस्ट्रीशीटर विरधाराम की NDPS एक्ट के तहत 2 करोड़ की संपत्ति पुलिस ने जब्त की थी उसी विरधाराम की 24 घंटे के भीतर सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. विरधाराम कि जिंदगी की कहानी जितनी रोचक है और की दास्तान भी उतनी ही रोमांचक और नाटकीय है.

वो हम आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि 10 फरवरी को पुलिस ने  विरधाराम सियोल की 2 करोड़ की कोठी, 3 लग्जरी बस और एक क्रेटा गाड़ी को सीज कर दिया था. जिस समय यह कार्रवाई हुई उस वक्त विरधाराम वहां मौजूद नहीं था.

मौत ने स्विफ्ट में बिठाया
कहते हैं जब मौत आती है तो किसी ना किसी बहाने से आती है. विरधाराम के साथ भी ऐसा ही हुआ. दो-दो बसों और कई लग्जरी कारों का मालिक विरधाराम अकसर महंगी और बेहद सुरक्षित गाड़ी से चलता था लेकिन 11 तारीख को विरधा सुरक्षा के मानकों पर काफी खराब प्रदर्शन करने वाली स्विफ्ट में बैठकर अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए बिहार के गया चल दिया और बीच रास्ते में ही उसकी कार आगे चल रहे डंफर से टकरा गई और इस हादसे में उसकी दर्दनाक मौत हो गई.


कानपुर के पास उसकी कार 11 फरवरी को सुबह 5 से 7 बजे के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में उसका एक साथी भी घायल हुआ. विरोधाराम के करीबियों ने बताया वो कुछ दिनों से पुलिस की कार्रवाई और कारोबार में मंदी से परेशान था. उसे सलाह दी गई थी कि उसके अतृप्त पूर्वजों का प्रकोप उस पर है. इसी को लेकर विरोधाराम सोमवार की शाम अपने रिश्तेदारों के साथ सियोल से बिहार के गया के लिए निकला था.