West Bengal Assembly Election 2026 IPL 2026

नाम पूछा, कलमा पढ़वाया, पैंट तक उतरवाई…और गोली मार दी, कौन है हमले का जिम्मेदार TRF?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा हैक आतंकियों ने टूरिस्टों को आईडी कार्ड चेक किए और कलमा पढ़ने के लिए कहा. कुछ लोगों के पैंट तक उतरवाई गई और गैर मुस्लमान होने पर गोली मार दी गई. इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर (KT) या द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ही ली है.

Social Media
Gyanendra Sharma

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार दोपहर आंतकी हमला हुआ. जंगलों के बीच से निलके 2 से 3 आतंकियों ने बैसरन में पर्यटकों को निशाना बनाया. हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है आतंकी सेना की वर्दी और चेहरे पर नकाब लगाकर आए थे. बैठे टूरिस्ट से नाम पूछा और गोली मार दी. 

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा हैक आतंकियों ने टूरिस्टों को आईडी कार्ड चेक किए और कलमा पढ़ने के लिए कहा. कुछ लोगों के पैंट तक उतरवाई गई और गैर मुस्लमान होने पर गोली मार दी गई. इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर (KT) या द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ही ली है. यह ग्रुप पाकिस्तान से चलता है और दिखाया ये जाता है कि ये कश्मीर से संचालित होता है. इसका  सुप्रीम कमांडर पाकिस्तान में बैठा है.

 शेख सज्जाद गुल द रेजिस्टेंस फ्रंट का कमांडर

TRF जिसे पिछले साल सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने, आतंकवादियों की भर्ती करने आतंकवादियों की घुसपैठ करने और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं की भर्ती करने में शामिल रहा है. यह समूह 2019 में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रतिनिधि के रूप में अस्तित्व में आया.  शेख सज्जाद गुल द रेजिस्टेंस फ्रंट का कमांडर है और उसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है.

TRF जम्मू-कश्मीर में नागरिकों, सुरक्षा बलों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है. माना जाता है कि इसके संचालन को पाकिस्तानी राज्य तंत्रों द्वारा समर्थित किया जाता है, जिसमें इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) भी शामिल है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अशांति बनाए रखना है.

छोटे-बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार

पिछले कुछ साल में इस आतंकी संगठन की प्रजेंश घाटी में बढ़ी है. कई छोटे-बड़े हमलों की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर ने ली है. कश्मीर कई बर्षों से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठन एक्टिव रहे हैं. अब इस गुट का नाम सामने आया है. 

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस नए संगठन को बनाकर ये साबित करने की कोशिश है कि कश्मीर में आतंकी एक्टिव हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण अपनी सऊदी यात्रा बीच में ही छोड़कर बुधवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने हवाई अड्डे पर एनएसए अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव के साथ संक्षिप्त बैठक की.