'दलाल राष्ट्र की भूमिका नहीं निभाएंगे...', ऑल पार्टी मीटिंग में विदेश मंत्री जयंशकर ने पाकिस्तान को लगाई फटकार
सर्वदलीय बैठक में भारत ने साफ संदेश दिया कि उसकी विदेश नीति स्वतंत्र और संतुलित रहेगी. जयशंकर ने कहा कि भारत किसी तीसरे पक्ष के लिए संवाद का माध्यम बनने से बचेगा.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक स्थिति साफ कर दी है. संसद में आयोजित सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत किसी भी तरह 'दलाल राष्ट्र' की भूमिका नहीं निभाएगा.
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है. बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे और क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई.
'विदेश नीति स्वतंत्र और संतुलित रहेगी'
सर्वदलीय बैठक में भारत ने साफ संदेश दिया कि उसकी विदेश नीति स्वतंत्र और संतुलित रहेगी. जयशंकर ने कहा कि भारत किसी तीसरे पक्ष के लिए संवाद का माध्यम बनने से बचेगा. सरकार ने यह भी दोहराया कि देश अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देता है.
राजनाथ सिंह ने की अध्यक्षता
भारत सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है. सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की. रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई. यह बैठक करीब 1.45 घंटे तक चली.
इस अहम बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. कांग्रेस का प्रतिनिधित्व तारिक अनवर और मुकुल वासनिक ने किया, जबकि वाम दल सीपीआईएम की ओर से जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल हुए. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी इस चर्चा का हिस्सा बने.
सरकार ने दिया आश्वासन
देश की ऊर्जा जरूरतों को लेकर सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया है कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है. अहम बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा संसाधन उपलब्ध हैं और किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है.
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने विपक्षी नेताओं को विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत स्थिति में है. बिजली, पेट्रोलियम और अन्य ईंधन की आपूर्ति लगातार बनी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं और उद्योगों की जरूरतें बिना किसी बाधा के पूरी की जा रही हैं. बैठक में यह भी बताया गया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है. ऊर्जा आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही एडवांस बुकिंग की जा चुकी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश को परेशानी का सामना न करना पड़े.
पाकिस्तान का प्रस्ताव
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि उनका देश शांति के लिए मंच उपलब्ध कराने को तैयार है. हालांकि, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से बचते हुए संयम बरतने की अपील की है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के संकेत दिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बातचीत के संकेत दिए हैं और ईरान पर संभावित हमलों को कुछ समय के लिए टालने की बात कही है. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ संदेश पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाए गए, जिससे कूटनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं.
संयम और शांति की अपील
यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. फरवरी के अंत में हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है. ऐसे माहौल में भारत ने संयम और शांति की अपील करते हुए अपनी स्वतंत्र भूमिका को बनाए रखने का संकेत दिया है.