अपनी ही हिट फिल्में नहीं देखते सुभाष घई, प्रीमियर के बाद मोड़ लेते हैं मुंह! वजह जान देखते रह जाएंगे एक्टर्स!
सुभाष घई आज 24 जनवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं. अपने एक इंटरव्यू नें डायरेक्टर ने खुलासा किया है कि वह अपनी हिट फिल्मों को कभी नहीं देखते. उनका मानना है कि अतीत में जीने के बजाय वर्तमान पर फोकस करना ही उन्हें आगे बढ़ाता है.
मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक और शोमैन कहे जाने वाले सुभाष घई आज 24 जनवरी को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं. 1945 में नागपुर में जन्मे सुभाष घई ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं. कर्ज राम लखन खलनायक परदेस और ताल जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री का सबसे भरोसेमंद फिल्ममेकर बना दिया था.
80 और 90 के दशक में सुभाष घई का नाम ऐसे डायरेक्टर के रूप में लिया जाता था जिनकी फिल्में न सिर्फ हिट होती थीं बल्कि ट्रेंड भी सेट करती थीं. उनकी फिल्मों में म्यूजिक इमोशन और बड़े कैनवास की कहानी देखने को मिलती थी, जो उस दौर के दर्शकों को खूब पसंद आती थी.
एक्टर से कैसे डायरेक्टर बनें सुभाष घई
बहुत कम लोग जानते हैं कि सुभाष घई ने अपने करियर की शुरुआत अभिनय से की थी. हालांकि उन्हें एक्टर के रूप में बड़ी पहचान नहीं मिल सकी. इसके बाद उन्होंने निर्देशन की राह चुनी और यहीं से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया.
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कर्ज जैसी फिल्म ने उन्हें अलग पहचान दिलाई. इसके बाद राम लखन और खलनायक जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरहिट डायरेक्टर की लिस्ट में शामिल कर दिया. परदेस और ताल ने उनकी इमेज को और मजबूत किया. इन फिल्मों ने सुभाष घई को शोमैन का दर्जा दिलाया.
अपनी ही हिट फिल्में क्यों नहीं देखते सुभाष घई
सुभाष घई ने हाल ही में अरबाज खान के पॉडकास्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि वह अपनी ही हिट फिल्में कभी नहीं देखते. यहां तक कि प्रीमियर के बाद भी वह अपनी फिल्मों से दूरी बना लेते हैं. सुभाष घई के मुताबिक जब उनकी फिल्म रिलीज होती है और हिट हो जाती है तो वह उसे दोबारा देखने में दिलचस्पी नहीं रखते. उनका मानना है कि पुरानी फिल्मों से जुड़कर रहना उन्हें अतीत में ले जाता है. वह वर्तमान में जीना पसंद करते हैं.
उनका कहना है कि उन्हें इस बात में ज्यादा खुशी मिलती है कि वह आज क्या कर रहे हैं और आज को कैसे बेहतर बना सकते हैं. उनके लिए बीता हुआ कल यादों में जीने के लिए नहीं बल्कि सीख लेने के लिए होता है. यही वजह है कि वह अपनी पुरानी फिल्मों को देखने से बचते हैं.