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'ये उस समय की सच्चाई थी, बदल नहीं सकते' - Swara Bhasker के जौहर सीन वाले बयान पर Padmaavat के राइटर का जवाब

पद्मावत के जौहर सीन को लेकर स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कापाडिया ने अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ कहा कि उस सीन को बदला नहीं जा सकता क्योंकि वह उस जमाने की हकीकत दिखाता है.

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Edited By: Antima Pal
'ये उस समय की सच्चाई थी, बदल नहीं सकते' - Swara Bhasker के जौहर सीन वाले बयान पर Padmaavat के राइटर का जवाब
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Swara Bhasker-Padmaavat Controversy: पद्मावत के जौहर सीन को लेकर स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कपाडिया ने अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ कहा कि उस सीन को बदला नहीं जा सकता क्योंकि वह उस जमाने की हकीकत दिखाता है.

स्वरा के खिलाफ लोगों ने की नाराजगी जाहिर

हाल ही में एक कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने बताया था कि पाद्मावत का जौहर सीन देखकर उन्हें कैसा लगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई बलात्कार से बची हुई महिला यह फिल्म देखे तो उसे ऐसा लग सकता है कि वह कायर है क्योंकि उसने अपनी इज्जत बचाने के लिए खुदकुशी नहीं की. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर स्वरा के खिलाफ काफी नाराजगी जाहिर की जा रही है.

'वह उस समय की सच्चाई थी...'

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश कापाडिया ने कहा कि हर व्यक्ति फिल्म को अपने हिसाब से समझता है. उन्होंने बताया- 'जो हमने दिखाया, जिसमें जौहर का सीन भी शामिल है, वह उस समय की सच्चाई थी. अब उसे बदला नहीं जा सकता. उस वक्त की स्थिति 'करो या मरो' जैसी थी. पुरुष योद्धा केसरिया पहनकर मैदान में उतरे थे.'

कपाडिया ने आगे कहा कि फिल्म बनाने से पहले उन्होंने अच्छी रिसर्च की थी और इतिहास की किताबों में जो लिखा मिला उसी के आधार पर कहानी दिखाई. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोई फिल्म कैसी लगती है यह देखने वाले के मूड पर भी निर्भर करता है. अगर कोई खराब मनःस्थिति में फिल्म देखे तो उसे फिल्म भी खराब लगेगी.

उन्होंने इरादे की बात भी की. उन्होंने कहा कि फिल्म देखने का मकसद क्या है यह बहुत मायने रखता है. कोई साधारण दर्शक की तरह देख रहा है या विवाद और नकारात्मक चीजें ढूंढने के लिए देख रहा है, इससे फिल्म का असर अलग-अलग पड़ता है.