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Manchu Lakshmi: अवैध सट्टेबाजी कांड में फंसीं मंचू लक्ष्मी! विजय देवरकोंडा-प्रकाश राज के बाद ईडी के रडार में आई एक्ट्रेस

Manchu Lakshmi: फिल्म मेकर और टेलीविजन हस्ती मंचू लक्ष्मी प्रसन्ना को अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ कर सकती है. ईडी ने उन्हें समन जारी कर बशीरबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है.

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Babli Rautela

Manchu Lakshmi: अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में एक्ट्रेस, फिल्म मेकर और टेलीविजन हस्ती मंचू लक्ष्मी प्रसन्ना से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बुधवार, 13 अगस्त को पूछताछ कर सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी ने उन्हें समन जारी कर बशीरबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है.

यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की जा रही है, जिनमें कहा गया है कि मशहूर हस्तियों के इन सट्टेबाजी ऐप्स के ऐड में शामिल होने से हजारों लोग ऑनलाइन जुए की ओर आकर्षित हुए. जिसकी वजह से कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और कुछ मामलों में आत्महत्याओं तक की घटनाएं सामने आईं है.

इन फिल्मी हस्तियों पर भी गिरी कानूनी गाज

ईडी की यह जांच साइबराबाद पुलिस की दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें मंचू लक्ष्मी समेत कई फिल्मी सितारों के नाम शामिल हैं. इनमें प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा और राणा दग्गुबाती जैसे बड़े नाम भी हैं, जो पहले ही ईडी के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज करा चुके हैं.

सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस इन ऐप्स के प्रमोशन से जुड़े वित्तीय लेन-देन, मशहूर हस्तियों के साथ किए गए कॉन्ट्रेक्ट और क्या किसी प्रकार की आय अवैध तरीकों से ट्रान्सफर की गई थी, इस पर है.

सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया और जनमानस में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है. आलोचकों का कहना है कि पॉपुलर हस्तियों की मौजूदगी ने इन अवैध प्लेटफॉर्म्स को अप्रत्यक्ष रूप से 'वैधता' प्रदान की, जिससे बड़ी संख्या में आम लोग इनके झांसे में आ गए. अधिकारियों का मानना है कि इन विज्ञापनों से ऐप्स की पहुच और लोकप्रियता में तेजी आई, जिससे उनके लिए कानूनी प्रतिबंधों को दरकिनार करना आसान हो गया.

हालांकि ईडी ने अब तक किसी भी एक्टर की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मिले बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें अभियोजन भी शामिल हो सकता है, पर निर्णय लिया जाएगा.