जब बिकनी में आ गई थी महाभारत की 'कुंती', ऐसे 'अर्श से फर्श' पर आया था जया बच्चन की 'हमशक्ल' का करियर
महाभारत में कुंती का किरदार निभाने वाली नाजनीन ने एक समय दर्शकों का दिल जीत लिया था. लेकिन गलत फैसलों की वजह से उनका करियर अचानक ढलान पर चला गया.
मुंबई: टीवी और सिनेमा की दुनिया में कई ऐसे चेहरे रहे हैं जो एक समय में घर घर में पहचाने जाते थे, लेकिन वक्त के साथ गुमनामी में खो गए. ऐसी ही एक कहानी है नाजनीन की, जिन्होंने महाभारत में कुंती का किरदार निभाकर करोड़ों दिलों पर राज किया था. 80 और 90 के दशक में जब टीवी हर घर तक नहीं पहुंचा था, तब भी महाभारत जैसे शो ने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. बी. आर. चोपड़ा द्वारा बनाए गए इस सीरियल को दर्शकों ने बेहद पसंद किया.
इस शो में कुंती का किरदार निभाने वाली नाजनीन ने अपने अभिनय से सभी को भावुक कर दिया था. उनकी सादगी और गहराई ने इस किरदार को यादगार बना दिया.
कुंती के किरदार की झलक
उनके अभिनय की खासियत यह थी कि उन्होंने हर भावना को बेहद सहज तरीके से निभाया. यही वजह थी कि दर्शक उनसे जुड़ाव महसूस करते थे. फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद भी नाजनीन को वह पहचान नहीं मिल पाई जिसकी उन्हें उम्मीद थी. इसकी एक बड़ी वजह यह भी रही कि उनकी शक्ल जया बच्चन से काफी मिलती थी. इसी कारण उन्हें अक्सर साइड रोल ही मिलते थे. एक फिल्म में तो उन्हें जया बच्चन की बहन के रूप में भी कास्ट किया गया.
नाजनीन हमेशा से ही अहम किरदार निभाना चाहती थीं. लेकिन इंडस्ट्री में उन्हें ज्यादातर सहेली या बहन जैसे किरदार ही दिए गए. उनकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई और धीरे धीरे उनका करियर एक सीमित दायरे में सिमटता चला गया.
B ग्रेड फिल्मों में शुरू किया काम
महाभारत की सफलता के बाद उन्हें बड़ी पहचान मिली थी. लेकिन इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने B ग्रेड फिल्मों में काम करना शुरू किया, जिससे उनकी इमेज पूरी तरह बदल गई. साल 1976 में आई फिल्म चलते चलके में एक सीन के दौरान उनके बिकनी पहनने को लेकर काफी चर्चा हुई. इस तरह की फिल्मों और किरदारों की वजह से उनकी छवि बदलने लगी और उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स मिलना बंद हो गए.
धीरे धीरे नाजनीन की मौजूदगी इंडस्ट्री में कम होती चली गई. एक समय ऐसा आया जब वह पूरी तरह से फिल्म और टीवी की दुनिया से दूर हो गईं. बताया जाता है कि वह कभी नीतू कपूर की करीबी दोस्त थीं और फिल्मी दुनिया में उनका अच्छा नेटवर्क भी था. इसके बावजूद उनका करियर वापस पटरी पर नहीं आ सका.