'जेब मारी है?...', सरोजिनी नगर में Bhuvan Bam को देख पुलिस ने क्यों पूछा ये सवाल? यूट्यूबर ने सुनाया किस्सा

यूट्यूबर और एक्टर भुवन बाम ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक मजेदार और हैरान करने वाला किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली के सरोजिनी नगर में पुलिस ने उन्हें जेबकतरा समझकर कॉलर से पकड़ लिया था. जानें फिर कैसे खुद को करवाया रिहा.

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Babli Rautela

मुंबई: BB Ki Vines के जरिए घर घर में पहचान बनाने वाले यूट्यूबर और एक्टर भुवन बाम ने अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के सरोजिनी नगर में एक बार ऐसी स्थिति बन गई थी कि पुलिस उन्हें जेबकतरा समझ बैठी थी. इतना ही नहीं, पुलिसकर्मी उन्हें कॉलर से पकड़कर अपने साथ ले गए थे. भुवन के मुताबिक, उस वक्त वह अपनी मां के साथ शॉपिंग के लिए सरोजिनी नगर पहुंचे थे. लेकिन जैसे ही वह कार से बाहर निकले, उन्हें पहचानने वाले लोगों की भीड़ जमा होने लगी और देखते ही देखते स्थिति काफी अफरा तफरी वाली हो गई.

मां के साथ शॉपिंग करने पहुंचे थे भुवन

भुवन बाम ने ग्लोबल जेन-जी समिट 2026 में अपने पुराने दिनों को याद करते हुए यह घटना सुनाई. उन्होंने बताया कि वह अपनी मां को शॉपिंग कराने के लिए दिल्ली के सरोजिनी नगर लेकर गए थे. कार से बाहर निकलने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें पहचान लिया. इसके बाद धीरे धीरे उनके आसपास भीड़ जमा होने लगी. भुवन की मां के लिए यह पूरा घटनाक्रम काफी उलझन भरा था, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोग उनके बेटे के आसपास क्यों जमा हो गए.


पुलिस ने कॉलर पकड़कर पूछा-जेब मारी है?

मामला उस वक्त और ज्यादा दिलचस्प हो गया जब वहां पुलिस पहुंची. भुवन ने बताया कि पुलिसकर्मियों को शायद लगा कि वह भीड़ के बीच चोरी या जेबमारी जैसी किसी घटना में शामिल हैं. पुलिस ने उन्हें कॉलर से पकड़कर अपने साथ ले लिया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने किसी की जेब काटी है. भुवन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है. उन्होंने बताया कि उस समय उनके बाल काफी लंबे थे और वह अक्सर बंदाना पहनकर घूमते थे. शायद उनके लुक की वजह से पुलिस को उनके बारे में गलतफहमी हुई.

YouTube वीडियो दिखाकर साबित करनी पड़ी पहचान

भुवन के लिए सबसे मुश्किल काम पुलिस को यह समझाना था कि वह कोई जेबकतरा नहीं बल्कि एक यूट्यूबर हैं. उन्होंने पुलिस को अपनी पहचान समझाने की कोशिश की और आखिरकार उन्हें अपने कुछ YouTube वीडियो दिखाए. इस बीच बाहर जमा भीड़ लगातार भुवन का नाम पुकार रही थी. लोगों के उन्हें पहचानने के बाद पुलिस को भी समझ आया कि पूरा मामला कुछ और है. सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने भुवन को जाने दिया और उन्हें घर लौटने के लिए कहा. इस तरह एक साधारण शॉपिंग ट्रिप उनके लिए ऐसा अनुभव बन गई, जिसे वह आज भी याद करते हैं.