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कानूनी दांव-पेंच में फंसे सोनू सूद, धोखाधड़ी मामले में लुधियाना कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट

सोनू सूद की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. अगर वह अदालत के आदेशों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है. अब देखना होगा कि 10 फरवरी को अदालत में उनकी पेशी होती है या नहीं.

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Babli Rautela

Sonu Sood: बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद के लिए कानूनी परेशानी बढ़ गई है. लुधियाना की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में गवाही से बचने के बाद उनके खिलाफ गुरुवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. लुधियाना के वकील राजेश खन्ना के दायर एक मामले में सोनू सूद को समन भेजा गया था. यह मामला मोहित शुक्ला नामक व्यक्ति पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है. आरोप है कि शुक्ला ने नकली रिजिका सिक्कों में निवेश करने के नाम पर धोखाधड़ी की थी, और सोनू सूद को इस मामले में गवाह के रूप में पेश होना था.

एक्टर को कई बार समन जारी किया गया, लेकिन उन्होंने अदालत में हाजिर होने से इंकार कर दिया. इसके बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया.

मुंबई पुलिस को एक्टर को गिरफ्तार करने का आदेश

वारंट लुधियाना की न्यायिक मजिस्ट्रेट रमनप्रीत कौर ने जारी किया है. इसे मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित ओशिवारा पुलिस स्टेशन को भेजा गया है. आदेश में पुलिस को निर्देश दिया गया है कि एक्टर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए.

'सोनू सूद को समन या वारंट भेजा गया था, लेकिन उन्होंने उपस्थित होने से बचने की कोशिश की. इसलिए, आपको आदेश दिया जाता है कि आप सोनू सूद को गिरफ्तार करें और अदालत के सामने पेश करें.' इसके अलावा, पुलिस को 10 फरवरी 2025 तक वारंट निष्पादित करने और अदालत को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

10 फरवरी को अगली सुनवाई

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी 2025 को निर्धारित की है. अगर इस तारीख तक सोनू सूद अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

वर्कफ्रंट की बात करें तो, सोनू सूद हाल ही में 'फतेह' नामक एक्शन थ्रिलर फिल्म में व्यस्त थे. यह फिल्म 10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और COVID-19 महामारी के दौरान हुई साइबर अपराध घटनाओं से प्रेरित है.