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NEET UG Result 2025: नीट परीक्षा में बिजली हुई गुल, हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर लगाई रोक, NTA से मांगा 30 जून तक जवाब

याचिका में बताया गया कि इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए. पूरे मध्य प्रदेश में 30 शहरों में नीट परीक्षा का आयोजन हुआ था और करीब ढाई लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे. यह भी सामने आया कि पहली बार कुछ सरकारी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया, लेकिन वहां पावर बैकअप की कोई व्यवस्था नहीं थी.

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Reepu Kumari

NEET UG: नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा के परिणाम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देते हुए परीक्षा परिणाम पर रोक लगाने का आदेश दिया है. यह निर्णय उस याचिका के बाद आया है जो इंदौर में परीक्षा के दौरान बिजली कटौती और खराब मौसम के चलते छात्रों को हुई परेशानी के संबंध में दायर की गई थी. याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 4 मई को इंदौर में नीट परीक्षा के दौरान तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी.

परीक्षा के समय करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. 2.7 इंच बारिश हुई. इसके चलते 11 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर अंधेरा छा गया और छात्रों को प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ने में परेशानी हुई. कई छात्रों ने मोमबत्ती और टॉर्च की रोशनी में परीक्षा दी, जिससे वे सवालों के जवाब ठीक से नहीं दे पाए. इससे नाराज छात्र और उनके अभिभावक हाईकोर्ट पहुंच गए.

हाईकोर्ट का निर्देश और नोटिस जारी

गुरुवार को सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), बिजली विभाग और परीक्षा केंद्र प्रबंधन को नोटिस जारी किए हैं. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि इस स्थिति में छात्रों को कैसे न्याय मिलेगा और NTA ने अब तक क्या कदम उठाए हैं. सभी पक्षों को 30 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.

छात्रों के भविष्य पर संकट

याचिका में बताया गया कि इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए. पूरे मध्य प्रदेश में 30 शहरों में नीट परीक्षा का आयोजन हुआ था और करीब ढाई लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे. यह भी सामने आया कि पहली बार कुछ सरकारी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया, लेकिन वहां पावर बैकअप की कोई व्यवस्था नहीं थी.

भविष्य की चिंता में छात्र

बिजली जाने से परीक्षा में बाधा आने के कारण कई छात्र-छात्राएं केंद्रों से बाहर रोते हुए निकले, उन्हें साल भर की मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा था. छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि परीक्षा रद्द कर फिर से आयोजित की जाए या प्रभावित छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए.