CBSE Class 12 Re-evaluation 2026: 1 जून से शुरू री-इवैल्यूएशन पोर्टल, अपनी आंसरशीट की करवाएं दोबारा जांच

CBSE के अनुसार, री-इवैल्यूएशन से जुड़ा ऑनलाइन पोर्टल 1 जून 2026 से सक्रिय किया जाएगा. पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन तकनीकी सुधार और पोर्टल को ज्यादा सुगम बनाने के उद्देश्य से इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई.

Pinterest
Meenu Singh

नई दिल्ली: रिजल्ट आने के बाद कई छात्र अपने अंकों को लेकर संतुष्ट नहीं होते और उन्हें लगता है कि उनकी आंसर शीट का मूल्यांकन दोबारा होना चाहिए. ऐसे छात्रों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राहत भरी खबर दी है. बोर्ड ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए री-इवैल्यूएशन और अंक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है, जिससे छात्र अपने प्राप्त नंबरों की दोबारा जांच करवा सकेंगे.

CBSE के अनुसार, री-इवैल्यूएशन से जुड़ा ऑनलाइन पोर्टल 1 जून 2026 से सक्रिय किया जाएगा. पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन तकनीकी सुधार और पोर्टल को ज्यादा सुगम बनाने के उद्देश्य से इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई. बोर्ड का कहना है कि इस बदलाव से छात्रों को बेहतर अनुभव मिलेगा और आवेदन प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी.

कौन कर सकता है आवेदन?

री-इवैल्यूएशन के लिए केवल वही छात्र पात्र होंगे जिन्होंने पहले अपनी स्कैन की गई आंसर शीट प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था. ऐसे छात्र अब अपने नंबरो का वेरिफिकेशन कराने, मूल्यांकन में संभावित गलतियों की जांच करवाने और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे.

इस बार क्यों बढ़ी छात्रों की दिलचस्पी?

इस साल CBSE ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) का उपयोग किया था. रिजल्ट आने के बाद कुछ छात्रों ने इवैल्यूएशन प्रोसेस को लेकर सवाल उठाए. इसके अलावा कई विद्यार्थियों ने पोर्टल पर भुगतान और मार्कशीट संबंधी तकनीकी समस्याओं की शिकायत भी की. यही कारण है कि इस बार री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है.

आवेदन करने की प्रक्रिया

री-इवैल्यूएशन के लिए छात्रों को सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट  cbse.gov.in पर जाना होगा. वहां पोस्ट रिजल्ट एक्टिविटी या री-इवैल्यूएशन सेक्शन में लॉगिन करना होगा. लॉगिन के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की आवश्यकता होगी. इसके बाद छात्र अपनी जरूरत के अनुसार अंक सत्यापन या री-इवैल्यूएशन का विकल्प चुन सकते हैं. संबंधित विषय का चयन कर निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा. आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद या पीडीएफ सुरक्षित रखना जरूरी है.

हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध

अगर आवेदन के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो छात्र CBSE द्वारा उपलब्ध कराई गई हेल्पलाइन और ईमेल सहायता सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं. बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए विशेष सहायता व्यवस्था भी सुनिश्चित की है, ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सके.