UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? दिवाली के बाद NPCI का बड़ा फैसला

दिवाली के बाद UPI पेमेंट को लेकर नियमों में बदलाव हो सकता है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा दुकानदारों से जुड़े यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने का फैसला किया है.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: दिवाली के बाद यूपीआई पेमेंट को लेकर नियमों में बदलाव हो सकता है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा दुकानदारों से जुड़े यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने का फैसला किया है. हालांकि, अभी तक यह नहीं बताया गया है कि यह नियम किस तारीख से लागू होगा. एमडीआर वह शुल्क है, जो कुछ डिजिटल पेमेंट पर दुकानदार या व्यापारी से लिया जा सकता है. 

इसका यह मतलब नहीं है कि हर यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगेगा. यह नियम केवल मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू किया जाएगा. बता दें कि कुछ समय पहले ऐसी खबरें आई थीं, जिसमें इस फैसले को 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी तक कर दिया गया था. वहीं, आर्थिक थिंक टैंक GTRI ने सरकार से यूपीआई को दुकानदारों और ग्राहकों के लिए मुफ्त रखने की मांग की थी.

यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर चार्ज का क्या है प्रस्ताव?

पेमेंट्स रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का प्रस्ताव था. इसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना था. धनतेरस और दिवाली पर यूपीआई पेमेंट ज्यादा होते हैं, इसलिए इसी समय नया चार्ज लागू करने से दुकानदारों को परेशानी और भ्रम हो सकता था. इसी वजह से त्योहारों के दौरान इस नियम को लागू करने के समय पर चिंता जताई गई.


सरकारी सूत्रों के मुताबिक, एमडीआर चार्ज का पैसा ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा. 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा यूपीआई  पेमेंट पर यह शुल्क दुकानदारों से लिया जाएगा.सरकार ने साफ किया है कि यह ग्राहकों पर लगाया जाने वाला कोई टैक्स नहीं है.

एमडीआर का पैसा किसे मिलेगा?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एमडीआर से मिलने वाली रकम सरकार के खजाने में नहीं जाएगी, बल्कि यूपीआई सिस्टम से जुड़ी संस्थाओं के बीच बांटी जाएगी. प्रस्ताव के मुताबिक, कुल शुल्क का 40% ग्राहकों के बैंक, 30% पेमेंट गेटवे, 20% UPI ऐप और बाकी 10% ऐप के प्रायोजक बैंक को मिलेगा. हालांकि, इस प्रस्ताव के लागू होने की अंतिम तारीख और नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है.