शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1800, निफ्टी 600 अंक टूटा; निवेशकों के 14 लाख करोड़ स्वाहा
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी 50 कमजोर वैश्विक संकेत, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बुरी तरह टूट गए.
सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रही. सोमवार को बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसे बाजार विशेषज्ञ ‘ब्लैक मंडे’ की संज्ञा दे रहे हैं. सोमवार को निफ्टी 601 अंक गिरकर 22512.85 और सेंसेक्स 1836 अंक गिरकर 72696 पर बंद हुआ जिसके एक ही दिन में निवेशकों के 14 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए.
वैश्विक तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया. इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये की गिरावट ने बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया. आईए जानें बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
कच्चे तेल की कीमतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं. ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है. महंगे तेल से महंगाई बढ़ने और आर्थिक संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
मार्च महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाला है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 मार्च तक करीब 90 हजार करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है. इस लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया और निवेशकों में घबराहट बढ़ी.
वैश्विक तनाव और कमजोर संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है. ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधा को लेकर चिंता बनी हुई है. इसके अलावा एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा.
रुपये में गिरावट और बढ़ती अनिश्चितता
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. साथ ही, वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेज उछाल से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. इस स्थिति में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं.