7 साल की उम्र में सीखी कोडिंग, 16 की उम्र में खड़ी कर दी 100 करोड़ की AI कंपनी; कौन हैं प्रांजलि अवस्थी?

भारतीय मूल की युवा उद्यमी प्रांजलि अवस्थी ने बचपन में कोडिंग सीखने से लेकर AI स्टार्टअप Delv.AI की स्थापना तक का प्रेरक सफर तय किया है. उनकी कंपनी की वैल्यूएशन करीब 100 करोड़ बताई जा रही है.

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Kuldeep Sharma

तकनीक की दुनिया में कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल करने वाले युवाओं की कहानियां अक्सर लोगों को प्रेरित करती हैं. ऐसी ही एक कहानी भारतीय मूल की प्रांजलि अवस्थी की है जिन्होंने बेहद कम उम्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई. कोडिंग के प्रति बचपन से रुचि रखने वाली प्रांजलि ने न सिर्फ तकनीक को समझा बल्कि उसे एक सफल कारोबार में भी बदल दिया. आज उनका नाम युवा उद्यमियों के बीच तेजी से चर्चा में है.

बचपन से तकनीक में गहरी रुचि

प्रांजलि अवस्थी का जन्म भारत में हुआ था लेकिन बचपन में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका के फ्लोरिडा चली गईं. उनके पिता इंजीनियर हैं और उसी माहौल ने उन्हें तकनीक की ओर आकर्षित किया. बताया जाता है कि उन्होंने केवल सात साल की उम्र में कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था. समय के साथ उनकी दिलचस्पी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में बढ़ती गई. कम उम्र में ही उन्होंने तकनीकी विषयों की गहरी समझ विकसित कर ली जिसने आगे चलकर उनके करियर की मजबूत नींव रखी.

रिसर्च अनुभव से जन्मा स्टार्टअप का विचार

प्रांजलि ने 13 वर्ष की उम्र में एक रिसर्च इंटर्नशिप में हिस्सा लिया जहां उन्हें मशीन लर्निंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिला. इस दौरान उन्होंने देखा कि शोधकर्ताओं को इंटरनेट पर उपलब्ध विशाल जानकारी में से जरूरी डेटा खोजने और व्यवस्थित करने में काफी समय लगता है. इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए उन्होंने जनवरी 2022 में Delv.AI नामक प्लेटफॉर्म शुरू किया. यह प्लेटफॉर्म शोधकर्ताओं को ऑनलाइन स्रोतों से उपयोगी जानकारी खोजने, व्यवस्थित करने और उसका विश्लेषण करने में मदद करता है.


100 करोड़ रुपये के करीब पहुंची कंपनी की वैल्यूएशन

Delv.AI को जल्द ही तकनीकी जगत में पहचान मिलने लगी. कंपनी को मियामी स्थित एक स्टार्टअप एक्सेलरेटर कार्यक्रम में जगह मिली जहां प्रांजलि की मुलाकात निवेशकों और अनुभवी मेंटर्स से हुई. इसके बाद कंपनी को लगभग 4.5 लाख डॉलर की फंडिंग प्राप्त हुई, जिसमें On Deck और Village Global जैसे निवेशकों का सहयोग शामिल रहा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी की वैल्यूएशन अब करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. प्रांजलि ने Georgia Institute of Technology से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई भी की और कम उम्र में तकनीकी उद्यमिता का एक उल्लेखनीय उदाहरण पेश किया.