AI का डर या ग्लोबल प्रेशर? Infosys-HCL Tech समेत IT शेयरों में आई बड़ी गिरावट, Nifty IT बना सबसे कमजोर सेक्टर
गुरुवार को अमेरिकी बाजार की मंदी और एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल 'क्लाउड फेबल 5' के डर से भारतीय आईटी शेयर भारी दबाव में रहे. निफ्टी आईटी इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटा जबकि बाकी पूरा बाजार रिकवर होकर हरे निशान में रहा.
मुंबई: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जहां एक तरफ बाकी सेक्टर्स में रौनक थी तो वहीं दूसरी तरफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी कि IT कंपनियों के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया. इसी वजह से 'निफ्टी आईटी इंडेक्स' बाजार में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया. हैरानी की बात यह रही कि सुबह की गिरावट से उबरकर पूरा बाजार तो हरे निशान में लौट आया, लेकिन आईटी शेयर लगातार गोता लगाते रहे.
दिग्गज आईटी शेयरों में गिरावट
दोपहर के समय निफ्टी आईटी इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट चुका था और पूरे टेक सेक्टर में कमजोरी साफ नजर आ रही थी. इंफोसिस एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस (TCS), विप्रो और टेक महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे की तरफ कारोबार कर रहे थे. इनमें से इंफोसिस और एचसीएल टेक तो निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल थे. गिरावट सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी. पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्स जैसी मिड-कैप आईटी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली देखी गई क्योंकि निवेशक इस सेक्टर से अपना पैसा निकाल रहे थे.
गिरावट की बड़ी वजहें क्या रहीं?
अमेरिकी टेक बाजार में मंदी- पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार का मुख्य टेक इंडेक्स 'नैस्डैक' भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था. दुनिया भर के निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हो रहे हैं कि पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नाम पर जो तेजी चल रही थी वह आगे कितनी टिक पाएगी.
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नया एआई मॉडल 'क्लाउड फेबल 5'- दिग्गज एआई कंपनी 'एंथ्रोपिक' ने अपना नया और बेहद एडवांस एआई मॉडल लॉन्च कर दिया है. कंपनी का दावा है कि यह मॉडल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोडिंग के काम को बहुत आसानी से कर सकता है. इस खबर ने भारतीय आईटी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि डर है कि अगर एआई खुद ही कोडिंग और सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस करने लगेगा तो इन कंपनियों के बिजनेस और कमाई पर बुरा असर पड़ेगा.
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई के आने से कोडिंग, कंसल्टिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़े काम अब ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रहे हैं. इससे आईटी सेक्टर की ग्रोथ अगले कुछ महीनों के लिए धीमी पड़ सकती है. हालांकि इस कमजोरी के बावजूद बाकी सेक्टर्स में आई खरीदारी की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे जिससे साफ है कि टेक सेक्टर को छोड़कर बाकी बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत है.