भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल, 4.5 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर पर पहुंचा

मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह और अनिवासी भारतीयों (NRI) के भारी डिपॉजिट के दम पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.5 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.

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Sagar Bhardwaj

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 785.7 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. इसमें लगातार 10वें हफ्ते बढ़त दर्ज की गई है. इस 10 हफ्तों की अवधि के दौरान कुल मुद्रा भंडार में लगभग 120 अरब डॉलर का भारी उछाल आया है.

पूंजी प्रवाह बढ़ाने वाली सरकारी नीतियां बनीं वजह

जून में सरकार और आरबीआई ने विदेशी डॉलर के प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए कई विशेष उपायों की घोषणा की थी. इनमें सरकारी कंपनियों के लिए डिस्काउंटेड हेजिंग सुविधाएं और बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा डिपॉजिट जुटाने के वास्ते मुफ्त हेजिंग शामिल थी. 5 जून से 31 अगस्त के बीच अनिवासी भारतीय (NRI) डिपॉजिट से उम्मीद से अधिक 127 अरब डॉलर प्राप्त हुए, जिससे कुल 136.3 अरब डॉलर का प्रवाह दर्ज हुआ.

फॉरेन करेंसी एसेट्स और गोल्ड रिजर्व की स्थिति

ताजा समीक्षाधीन सप्ताह में रिजर्व बैंक की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में 47.4 अरब डॉलर का बड़ा इजाफा हुआ, जो कुल बढ़त का मुख्य आधार रहा. वहीं दूसरी ओर, इस अवधि के दौरान आरबीआई के पास मौजूद स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) का मूल्य 2.6 अरब डॉलर घटकर 113.8 अरब डॉलर रह गया.


बाजार हस्तक्षेप और भविष्य का आर्थिक दृष्टिकोण

रुपये को मजबूती देने के लिए रिजर्व बैंक लगातार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इन उपायों से स्पॉट विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली है. हालांकि, अगर आरबीआई भविष्य में डॉलर की बिक्री को आगे बढ़ाता है, तो आने वाले समय में देश का यह मुख्य मुद्रा भंडार लगभग 750 अरब डॉलर के आसपास स्थिर हो सकता है.