शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 800, निफ्टी 241 अंक साफ, जानें मार्केट में क्यों आई भारी गिरावट
शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रहा. शुरुआत में हल्की रिकवरी के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निफ्टी और सेंसेक्स दोनों 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए.
शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रहा. शुरुआत में हल्की रिकवरी के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निफ्टी और सेंसेक्स दोनों 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और अधिकांश क्षेत्रों में दबाव के कारण बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली.
सेंसेक्स निप्टी 1% धड़ाम
बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 769.67 अंक गिरकर 81,537.70, निफ्टी50 241.25 अंक गिरकर 25,048.65 पर आ गया. ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बैकफुट पर जाने, रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म होने की उम्मीद के चलते पिछले सत्र में बाजार में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन शुक्रवार को बाजार ने एक बार फिर पलटी मारी.
बाजार में गिरावट के कारण
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली को शेयर बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रह है. विदेशी निवेशक कई हफ्तों से लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. अकेले जनवरी 2026 में विदेशी निवेशकों ने 36,591.01 करोड़ रुपए के शेयर बेचे.
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक इस अवधि के दौरान खरीदार बने हुए हैं. शुक्रवार को DII'S ने 50,720.15 करोड़ रुपए के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा देने की कोशिश की. हालांकि उनकी खरीदारी विदेशी निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई.
बाजार में बिकवाली का दौर शुरू
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में इक्विटी रणनीति निदेशक क्रांति बाथिनी ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार में एक बार फिर से बिकवाली का दौर शुरू हो गया है.
उन्होंने कहा कि निफ्टी 25,500 के स्तर को बनाए रखने में असमर्थ रहा और अब वह 25,050 के स्तर पर कामकाज कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि 25000 का लेवल निफ्टी के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है क्योंकि बाजार पहले भी इस स्तर से वापसी कर चुका है और अगर निफ्टी इस सपोर्ट लेवल को तोड़ता है तो बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है.