बन गई बात, एक-दूसरे के व्यापारिक लाभ के लिए टैरिफ घटाने पर राजी हुए भारत-अमेरिका
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में अमेरिका का घाटा सबसे अधिक चीन के साथ लगभग 300 बिलियन डॉलर है जिसके बाद मैक्सिको का घाटा 200 बिलियन डॉलर से अधिक है. इसकी तुलना में भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा मात्र 40 बिलियन डॉलर है
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका दोनों देश एक-दूसरे के व्यापारिक लाभ को ध्यान में रखते हुए कुछ सामानों पर टैरिफ घटाने को राजी हो गए हैं. एक वरिष्ठ भारतीय सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी. 13 फरवरी को भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक नए लक्ष्य 'मिशन 500' पर सहमत हुए जिसका लक्ष्य 2023 तक कुल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर करना है.
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दोनों पक्षों ने 2025 तक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पहली किश्त पर बातचीत की योजना की भी घोषणा की. दोनों देशों ने कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की.
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौते को मिनी व्यापार समझौता कहा जा सकता है. अधिकारी ने कहा कि बातचीत से इसकी गति का विस्तार तय होगा और इसे अभी मुक्त व्यापार समझौता नहीं कहा जा सकता.
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अधिकारी ने कहा ट्रंप 1.0 के दौरान हमने अमेरिका के साथ एक मिनी व्यापार समझौते पर चर्चा की थी, समझ यह थी कि यह एमएफएन (सबसे पसंदीदा राष्ट्र) सिद्धांत पर होगा. इसलिए इस बार हम मिनी व्यापार सौदे शब्द का उपयोग नहीं कर रहे हैं, इसके बजाय हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के साथ आगे बढ़ रहे हैं. यह एक बहुत अधिक उचित समझौता है जिसे हम आगे ले जाएंगे.
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में अमेरिका का घाटा सबसे अधिक चीन के साथ लगभग 300 बिलियन डॉलर है जिसके बाद मैक्सिको का घाटा 200 बिलियन डॉलर से अधिक है. इसकी तुलना में भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा मात्र 40 बिलियन डॉलर है