सोने-चांदी की कीमतों में इजाफा, गिरावट के लंबे दौर पर लगा 'ब्रेक'; आखिर क्या है वजह?
ईरान युद्ध के बीच सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को अचानक उछाल देखने को मिला. चांदी 13,000 और सोना 6,000 रुपये से अधिक महंगा हुआ. हालांकि भाव अब भी युद्ध-पूर्व स्तर से काफी नीचे हैं.
नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला. बीते कुछ दिनों से लगातार टूट रहे सोने और चांदी के भाव में गिरावट थम गई और कीमतों ने जबरदस्त रिकवरी की. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम आसमान छूने लगे. सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव अभी जारी रह सकता है.
बुधवार को चांदी के बाजार में एक जोरदार धमाका हुआ. एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव बाजार खुलते ही 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया. पिछले कारोबारी दिन यह कीमती धातु 2,23,941 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. लेकिन बुधवार को इसकी ओपनिंग इतनी धुआंधार रही कि सिल्वर प्राइस सीधे 2,37,350 रुपये पर जा पहुंचा. महज एक झटके में चांदी की कीमत में 13,409 रुपये का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया.
सोने के भाव में भी आई चमक
चांदी की ही तरह सोने की कीमतों ने भी बुधवार को जबरदस्त छलांग लगाई. 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव मंगलवार के बंद 1,42,195 रुपये की तुलना में तेजी से बढ़कर 1,46,460 रुपये पर खुला. कुछ ही मिनटों में यह रफ्तार पकड़ते हुए 1,48,442 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के रेट में 6,247 रुपये की बड़ी बढ़त देखी गई. जिससे खरीदारों और निवेशकों के बीच फिर से हलचल बढ़ गई है.
ऑल टाइम हाई से अब भी काफी दूर
बुधवार की इस बड़ी तेजी के बावजूद सोना और चांदी अपने उच्चतम स्तरों से अब भी काफी सस्ते बने हुए हैं. एमसीएक्स पर चांदी का ऑल टाइम हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलो है, जिससे यह अब भी करीब 2,01,987 रुपये नीचे चल रही है. वहीं सोने का हाई लेवल 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है. बुधवार की रिकवरी के बाद भी सोना अपने शिखर से 54,542 रुपये कम पर कारोबार कर रहा है, जो निवेशकों के लिए खरीदारी का एक मौका हो सकता है.
युद्ध के बावजूद कीमतों में गिरावट का रहस्य
आमतौर पर किसी भी बड़े युद्ध या वैश्विक संकट के समय लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. जिससे इसके दाम बढ़ते हैं. लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के दौरान एक अजीब नजारा दिखा और कीमतें भरभराकर टूटीं. 27 फरवरी को युद्ध शुरू होने से ऐन पहले सोना 1,62,104 रुपये पर था. ताजा उछाल के बाद भी यह युद्ध-पूर्व भाव से 13,662 रुपये सस्ता है. इसी तरह चांदी भी युद्ध से पहले के स्तर से 45,294 रुपये सस्ती बनी हुई है.
दिन के अंत में बाजार की स्थिति
बुधवार को दिनभर चले उतार-चढ़ाव के बाद रात 8:20 बजे भी बाजार में मजबूती बनी रही. सोने की कीमत करीब 5,500 रुपये की बढ़त के साथ 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास टिकी रही. इसी तरह, चांदी भी 11,500 रुपये की उछाल के साथ 2,35,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई थी. युद्ध के अनिश्चित माहौल में बाजार की यह रिकवरी संकेत देती है कि निवेशक अब फिर से सुरक्षित निवेश की ओर लौट रहे हैं. जिससे आने वाले दिनों में कीमतें और चढ़ सकती हैं.