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India Daily

पेट्रोल-डीजल की भारत में नहीं बढ़ेंगी कीमतें, मिडिल ईस्ट संकट के बीच फ्यूल को लेकर आया बड़ा अपडेट

सरकारी सूत्रों के अनुसार फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. देश में पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है, जबकि सरकार कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखे हुए है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पेट्रोल-डीजल की भारत में नहीं बढ़ेंगी कीमतें, मिडिल ईस्ट संकट के बीच फ्यूल को लेकर आया बड़ा अपडेट
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों के लिए फिलहाल राहत की खबर सामने आई है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि निकट भविष्य में इन ईंधनों की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है. सरकार का मानना है कि देश के पास पर्याप्त फ्यूल रिजर्व मौजूद है और सप्लाई की स्थिति स्थिर बनी हुई है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर निर्णय लिया जा सके.

कीमतों में फिलहाल बदलाव की योजना नहीं

सरकारी सूत्रों के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बदलाव की संभावना नहीं है. सरकार फिलहाल बाजार की स्थिति का आकलन कर रही है और कीमतों को स्थिर रखने पर ध्यान दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में घरेलू बाजार में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है. इसलिए उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा.

एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर भी विचार नहीं

सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कमी करने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है. सरकार का मानना है कि वर्तमान स्थिति में कर ढांचे में बदलाव की आवश्यकता नहीं है. आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स नीति में बदलाव आमतौर पर तब किया जाता है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.

पर्याप्त फ्यूल रिजर्व से मिली राहत

अधिकारियों के अनुसार देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता की कोई स्थिति नहीं है. सरकार ने पहले ही संभावित संकट को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की पहचान शुरू कर दी थी. इसी रणनीति के कारण मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और घरेलू बाजार में किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर

सरकार लगातार वैश्विक तेल बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की रणनीति तय की जाएगी. फिलहाल सरकार का आकलन है कि देश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति संतुलित और स्थिर बनी हुई है.