आज से शुरू हुआ पंचक, 5 दिनों तक इन कामों को करने की ना करें भूल! वरना जिंदगी भर पड़ेगा पछताना
पंचक में पूजा-पाठ, दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों पर कोई रोक नहीं है. बल्कि इन दिनों भगवान का नाम जपने से कई गुना फल मिलता है. तो बस इन पांच दिनों थोड़ी सी सावधानी रखें, पुरानी परंपराओं का सम्मान करें और परिवार के साथ सुरक्षित रहें.
हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार 27 नवंबर 2025 से इस साल का आखिरी पंचक शुरू हो गया है. यह पंचक 1 दिसंबर 2025 तक चलेगा यानी पूरे 5 दिन तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में पंचक को सामान्य दिनों से अलग माना जाता है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा लगातार पांच नक्षत्रों – धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से होकर गुजरता है.
इन पांच नक्षत्रों के कारण ही इसे 'पंचक' कहते हैं. बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि पंचक में कुछ खास काम नहीं करने चाहिए, वरना घर-परिवार पर बुरा असर पड़ सकता है. ये बातें सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि हमारे ऋषि-मुनियों के गहरे अध्ययन पर आधारित हैं. आइए जानते हैं इन पांच दिनों में किन कामों से बचना चाहिए
- लकड़ी इकट्ठा करना या खरीदना बंद कर दें.
- पंचक में लकड़ी, ईंधन या आग से जुड़ी कोई भी चीज नहीं लानी चाहिए. मान्यता है कि इससे घर में आग का खतरा या अनजानी परेशानियां बढ़ सकती हैं.
- बिस्तर (चारपाई, पलंग) न खरीदें, न बनवाएं.
- अगर नया बिस्तर खरीदने या पुराने की मरम्मत कराने का प्लान था तो टाल दें. कहा जाता है कि इससे परिवार में किसी बड़े संकट की आशंका रहती है.
- घर की छत का कोई काम न करें.
- पंचक में छत बनवाना, उसकी मरम्मत करना या कोई नया निर्माण ऊपर की तरफ करना वर्जित है. इससे घर की सुख-शांति भंग हो सकती है.
- दक्षिण दिशा की यात्रा बिल्कुल न करें.
- दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है. पंचक में इस दिशा में जाना अशुभ फल देता है. अगर बहुत जरूरी हो तो पहले गुरु या पंडित जी से पूजा-पाठ करवाकर ही निकलें.
शव यात्रा में भी रखें खास सावधानी.
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अगर दुर्भाग्य से इन दिनों किसी की मृत्यु हो जाए तो शास्त्रों में 'पंचक निवारण' पूजा करने की सलाह दी जाती है. पंचक समय इस बार शुरू: 27 नवंबर 2025, सुबह 08:47 बजे से. समाप्त: 1 दिसंबर 2025, दोपहर 02:33 बजे तक.
अच्छी बात यह है कि पंचक में पूजा-पाठ, दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों पर कोई रोक नहीं है. बल्कि इन दिनों भगवान का नाम जपने से कई गुना फल मिलता है. तो बस इन पांच दिनों थोड़ी सी सावधानी रखें, पुरानी परंपराओं का सम्मान करें और परिवार के साथ सुरक्षित रहें. पंचक खत्म होते ही 2 दिसंबर से फिर सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे.