जानें कैसे मशहूर पं. प्रदीप मिश्रा बने 'सीहोर वाले बाबा'?
कौन हैं प्रदीप मिश्रा?
पं. प्रदीप मिश्रा एक फेमस कथावाचक हैं. इसके साथ ही ये शिवपुराण की कथा अधिक करते हैं.
इतना हैं पढ़े-लिखे
पं. प्रदीप मिश्रा का जन्म साल 1980 में सीहोर में हुआ था. उन्होंने ग्रेजुएशन किया है.
यह है उपनाम
प्रदीप मिश्रा का उपनाम रघु भी है. इसके साथ ही उनके पिता रामेश्वर मिश्रा थे.
गरीब परिवार से आते हैं प्रदीप मिश्रा
पं. प्रदीप मिश्रा के पिता चने का ठेला लगाते थे. इसके बाद उन्होंने चाय की दुकान खोल ली. प्रदीप मिश्रा भी अपने पिता की मदद करते थे.
भक्ति और भजन में थी रुचि
पं. प्रदीप मिश्रा को बचपन से ही भक्ति और भजन में रुचि थी.
यहां शुरु किया कथावाचन
उन्होंने शिव मंदिर में कथा वाचन शुरु किया था. वे शिव मंदिर की सफाई किया करते थे. इनको पहले सीहोर वाले बाबा के नाम से जाना जाता था.
बताते थे उपाय
प्रदीप मिश्रा लोगों को समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए उपाय भी बताते थे. वे अपनी कथा में कहते थे कि 'एक लोटा जल समस्या का हल' मतलब भगवान शिव को एक लोटा जल चढ़ाने से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है.
यहीं से हुए फेमस
इसी जगह से ईश्वर की उनपर ऐसी कृपा हुई कि आज वे एक कथा करने का 7 से 8 लाख तक रुपये लेते हैं. कुछ रिपोर्ट में इस रकम को 21 लाख तक भी बताया गया है.
सोशल मीडिया पर रहते हैं छाए
पं. प्रदीप मिश्रा की फ्रेंड फॉलोइंग भी काफी अच्छी है. वे सोशल मीडिया और फेसबुक पर छाए रहते हैं.