Zero Shadow Day: बेंगलुरु में कैसे देखें छाया का जादू?
क्या है जीरो शैडो डे?
यह वह समय है जब सूर्य सीधे किसी स्थान के ऊपर होता है और वस्तुएं कोई छाया नहीं बनातीं. यह कुछ सेकंड्स के लिए होता है.
कभी भी नहीं देखी ऐसी घटना
सूर्य के सीधे ऊपर आने पर ही यह घटना होती है. बैंगलोर, चेन्नई और मंगलुरु जैसे शहरों में यह साल में दो बार होता है.
सूर्य का ऊंचा स्थान
जीरो शैडो डे तब होता है जब सूर्य आकाश में सबसे ऊँचा होता है और उसकी किरणें सीधे नीचे गिरती हैं. कोई छाया नहीं बनती.
क्यों होती है यह घटना?
पृथ्वी की धुरी 23.5 डिग्री झुकी होती है, इसलिए सूर्य कभी भी सीधे ऊपर नहीं आता, लेकिन उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में यह घटना होती है.
कौन से शहरों में होती है यह घटना?
बैंगलोर, चेन्नई और मंगलुरु जैसे भारतीय शहरों में यह घटना होती है क्योंकि ये शहर भूमध्य रेखा और कर्क रेखा के बीच स्थित हैं.
कब देख सकते हैं इसे?
बैंगलोर में यह घटना अप्रैल 24 और फिर अगस्त 18 को होती है. हर साल तारीख थोड़ी बदल सकती है क्योंकि पृथ्वी की कक्षा बदलती रहती है.
साइंस का सरल उदाहरण
जीरो शैडो डे पृथ्वी की धुरी और सूर्य की दिशा को समझने का एक शानदार तरीका है. यह हमें आकाशीय घटनाओं को समझने में मदद करता है.
प्राकृतिक अद्भुत दृश्य
यह दृश्य न केवल आकर्षक होता है, बल्कि यह हमारे आकाशीय ग्रहों की गतियों और प्रभावों को महसूस करने का अद्भुत अवसर भी है.
शिक्षा का अवसर
जीरो शैडो डे एक शानदार शैक्षिक मौका है. यह घटना छात्रों और विज्ञान प्रेमियों के लिए पृथ्वी के आंदोलन को समझने का एक व्यावहारिक उदाहरण है.