मेदु वड़ा के बीच में छेद क्यों? जाने इसके पीछे का वैज्ञानिक और पारंपरिक राज


Shanu Sharma
04 Jan 2026

वड़े के बीच छेद

    दक्षिण भारतीय के कई व्यंजन दुनिया में प्रसिद्ध है. जिनमें मेदु वड़ा सबसे पॉपुलर है. लेकिन क्या आपको पता है कि वड़े के बीच हमेशा एक छेद क्यों होता है?

साइंस और ट्रेडिशनल वजह

    क्या इसके पीछे सिर्फ लुक है या फिर किसी ठोस कारणों से इसको ऐसे सेप दिया गया है. आइए समझते हैं इसके पीछे का साइंस और ट्रेडिशनल वजह.

क्या कहता है साइंस?

    मेदु वड़ा उड़द दाल के गाढ़े बैटर से बनता है. अगर छेद न हो, तो मोटा वड़ा अंदर से कच्चा रह जाता है, जबकि बाहर जल सकता है. छेद की वजह से गर्म तेल अंदर तक आसानी से पहुंचता है, जिससे वड़ा हर तरफ से एकसार पकता है.

पकने में कम समय

    इसके अलावा, छेद से वड़े का सरफेस एरिया बढ़ जाता है. ज्यादा हिस्सा तेल के संपर्क में आता है, तो पकने में कम समय लगता है.

ज्यादा तेल सोखने से अन्हेल्दी

    बिना छेद वाला वड़ा ज्यादा देर तलना पड़ता, जो तेल ज्यादा खींच लेता और हैवी हो जाता. छेद की वजह से वड़ा कम तेल सोखता है और हेल्दी बनता है.

आसान ट्रांसपोर्टेशन

    पुराने जमाने में मेदु वड़ा को लंबी दूरी तक ले जाना पड़ता था. छेद की वजह से कई वड़ों को रस्सी में पिरोकर लटकाया जा सकता था. ये परंपरा आज भी बरकरार है, जो व्यंजन को यूनिक लुक देती है.

करारा स्वाद

    मेदु वड़ा को सांभर और नारियल चटनी के साथ खाएं या अकेले, इसका करारा स्वाद हमेशा लाजवाब लगता है.

More Stories