इन संस्कृत श्लोकों का बनवा सकते हैं टैटू, कम शब्दों में गहरा अर्थ
यद् भावो तद् भवति
यह श्लोक बताता है कि आपके मन के भाव ही आपकी असली दुनिया बनाते हैं. आप जैसा सोचोगे, वैसा ही बन जाओगे!
ईश्वर अस्ति मम शक्ति
यह श्लोक बताता है कि जब जीवन में थकान या डर आए, तो याद रखो सच्ची शक्ति बाहर नहीं, ईश्वर के विश्वास में छिपी है.
न कदापि खंडितः
यह श्लोक उन योद्धाओं के लिए है जो चुनौतियों से डगमगाते नहीं हैं.
शीलं परमं भूषणम्
इस श्लोक का मतलब है कि सोना-चांदी, कपड़े या दिखावा सब नश्वर हैं, लेकिन अच्छा व्यवहार और नैतिकता हमेशा चमकते रहते हैं.
धियो यो नः प्रचोदयात्
गायत्री मंत्र के इस लाइन का अर्थ है हे प्रभु! हमारी बुद्धि को सही दिशा दो.
अंतः अस्ति प्रारंभः
इस श्लोक का अर्थ है कि अंत ही नई शुरुआत है. इसका मतलब जब एक रास्ता बंद हो, तो समझो कोई बेहतर रास्ता खुलने वाला है.
कर्मण्येवाधिकारस्ते
भगवद्गीता का यह अमर संदेश कहता है कि बस अपना पूरा प्रयास करो, परिणाम की चिंता छोड़ दो.