मथुरा-वृंदावन ही नहीं इन जगहों पर भी मनाई जाती है भव्य होली


Shanu Sharma
26 Feb 2026

सिर्फ रंग खेलने तक सीमित नहीं

    होली का नाम सुनते ही मन में रंगों की बौछार, मिठास भरी ठंडाई और दोस्तों-परिवार के साथ ठहाकों की गूंज आ जाती है. लेकिन भारत में यह त्योहार सिर्फ रंग खेलने तक सीमित नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान और परंपरा रखता है.

भारत की 5 जगहों पर होली

    यह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने, गिले-शिकवे भूलने और खुशियां बांटने का मौका है. आइए जानते हैं भारत की ऐसी 5 जगहें जहां होली का रंग बिल्कुल अलग और यादगार होता है.

बरसाना की लठमार होली

    बरसाना होली का सबसे चर्चित नाम है, जहां लठमार होली विश्व प्रसिद्ध है. यहां महिलाएं राधा-कृष्ण की लीला के अनुसार पुरुषों पर प्रेमपूर्ण लाठियां बरसाती हैं, जबकि पुरुष ढाल लेकर मजाकिया ढंग से बचते हैं.

वाराणसी की घाटों वाली होली

    काशी यानी वाराणसी में होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि भक्ति और संगीत का उत्सव है. गंगा घाटों पर शिवभक्तों की टोलियां, ढोल-नगाड़ों की थाप, भांग-ठंडाई की महक और उड़ता गुलाल एक जादुई माहौल बनाते हैं.

शांतिनिकेतन की बसंत उत्सव वाली होली

    पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में होली को बसंत उत्सव के नाम से मनाया जाता है. रवींद्रनाथ टैगोर की परंपरा के अनुसार यहां छात्र-छात्राएं पीले वस्त्र पहनकर गीत गाते, नृत्य करते और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से वसंत का स्वागत करते हैं.

उदयपुर की शाही होली

    उदयपुर में होली राजघराने की भव्य परंपराओं के साथ मनाई जाती है. होलिका दहन के बाद भव्य जुलूस निकलते हैं, जहां सजे-धजे हाथी-घोड़े, राजसी पोशाकें और लोकनृत्य देखने को मिलते हैं. मेवाड़ की शाही संस्कृति इस उत्सव को एक अलग ही रौनक देती है.

प्रयागराज की कपड़ा फाड़ होली

    संगम नगरी प्रयागराज में होली का जश्न बिल्कुल अलग है. यहां 'कपड़ा फाड़ होली' बहुत मशहूर है, जहां मोहल्लों में लोग सामूहिक रूप से होली खेलते हैं और मजाक में एक-दूसरे के कपड़े फाड़ते हैं.

विविधता का जीता-जागता प्रमाण

    होली भारत की विविधता का जीता-जागता प्रमाण है. इन जगहों पर जाकर आप न सिर्फ रंग खेलेंगे, बल्कि संस्कृति, परंपरा और भावनाओं को भी महसूस करेंगे.

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