अपने पार्टनर के लिए कहीं आप भी तो नहीं ऑप्शन?
डेटिंग में विकल्प की सोच
डिजिटल युग में रिश्ते तेज बनते हैं, तेज बदलते हैं. इसी वजह से कई लोग विकल्प खुला रखते हैं.
बैकअप पार्टनर का नया ट्रेंड
रिलेशनशिप काउंसलर्स के अनुसार यह सोच दिल टूटने के डर से पैदा हो रही है.
कमिटमेंट से बचने का व्यवहार
कुछ लोग भविष्य की बात आते ही विषय बदल देते हैं, यह आम संकेत है.
संवाद में कम शेयरिंग
अगर पार्टनर निजी बातें कम बताए और जवाब सतही दे, तो यह दूरी का संकेत है.
आखिरी समय पर प्लान बदलना
बार-बार मुलाकात टालना या प्लान कैंसिल करना भरोसा कमजोर कर देता है.
सोशल मीडिया पर ज्यादा गोपनीयता
फोन या चैट स्क्रीन छिपाना, नोटिफिकेशन बंद रखना भी नए संदेह पैदा करता है.
तारीफ तो है, जुड़ाव कम
शब्दों में प्यार हो सकता है, लेकिन भावनाओं में खुलापन न दिखे तो सतर्क होना जरूरी है.
छोटे रिश्तों से प्रभावित सोच
मैदान हो या पहाड़, आज हर जगह डेटिंग में कम समय वाले रिश्तों का असर दिख रहा है.
Sharad_Purnima_-_2026-01-08T140954.202_
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