कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहें नकली पश्मीना शॉल? ऐसे करें पहचान


Princy Sharma
04 Jan 2026

पश्मीना शॉल

    असली पश्मीना छूते ही बहुत नरम और हल्का लगता है. यह स्किन पर कोमल होता है और कभी भी भारी या खुजली वाला महसूस नहीं होता.

ऐसे करें चेक

    शॉल को अपने गाल या गर्दन पर रखें. अगर यह चिकना और गर्म महसूस होता है, तो यह असली हो सकता है. अगर खुरदर, सख्त या असहज महसूस हो तो यह नकली होने की संभावना है.

दिखने में कैसे होती है?

    असली पश्मीना थोड़ा नेचुरल और असमान दिखता है. इसके किनारे हाथ से मुड़े हुए होते हैं, पूरी तरह से सीधे नहीं, क्योंकि यह हाथ से बुना जाता है.

कढ़ाई और डिजाइन

    असली पश्मीना शॉल पर हाथ से कढ़ाई और डिज़ाइन बने होते हैं. काम बहुत बारीक, डिटेल वाला और नाजुक होता है, मशीन जैसा परफेक्ट नहीं.

पश्मीना की बुनाई

    असली पश्मीना की बुनाई पतली और थोड़ी ढीली होती है. इसकी नरमी और लचीलेपन को महसूस करने के लिए इसे अपनी उंगलियों के बीच धीरे से रगड़ें.

नकली पश्मीना कैसे बनती है?

    नकली पश्मीना आमतौर पर मशीन से बने ऊन या सिंथेटिक फाइबर से बनाया जाता है. छूने पर यह ठंडा लगता है और इसका टेक्सचर प्लास्टिक जैसा होता है.

गंध

    असली पश्मीना जानवरों के फाइबर से बनता है. अगर एक छोटा सा धागा जलाया जाए तो उसमें जले हुए बालों जैसी गंध आती है.

प्लास्टिक जैसी गंध

    नकली शॉल प्लास्टिक या सिंथेटिक मटीरियल से बने होते हैं. जलाने पर उनमें प्लास्टिक जैसी गंध आती है और वे पिघल सकते हैं.

GI का टैग

    कश्मीर के असली पश्मीना शॉल पर GI (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग होता है, जो उनके ओरिजिन और क्वालिटी की पुष्टि करता है.

कीमत

    असली पश्मीना कभी सस्ता नहीं होता. असली शॉल की कीमत आमतौर पर ₹6,000 से ₹15,000 या उससे ज़्यादा होती है, जो कारीगरी पर निर्भर करता है.

More Stories