क्या है श्वेत पत्र, जिसे संसद में पेश करेंगी सीतारमण
101 साल पहले हुई शुरुआत
श्वेत पत्र यानी व्हाइट पेपर की सबसे पहले शुरुआत 1922 यानी 101 साल पहले इंग्लैंड में की गई थी.
क्या होता है श्वेत पत्र?
श्वेत पत्र किसी टॉपिक या सब्जेक्ट के बारे में सर्वे या फिर स्टडी के निष्कर्ष का सारांश होता है.
सुझाव के लिए श्वेत पत्र
श्वेत पत्र किसी भी सब्जेक्ट या टॉपिक पर हो सकता है. इसके जरिए काम करने के तरीकों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लिया जा सकता है.
कौन जारी कर सकता है श्वेत पत्र?
स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल के अनुसार, सरकारें आमतौर पर मुद्दों पर चर्चा करने, कार्रवाई का सुझाव देने या निष्कर्ष निकालने के लिए श्वेत पत्र लाती हैं.
मोदी सरकार ला रही श्वेत पत्र
मोदी सरकार बजट सत्र में श्वेत पत्र ला रही है, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि 2014 में यूपीए सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को संकट में छोड़ा गया.
विपक्ष पर हमले का मौका!
माना जा रहा है कि और 'श्वेत पत्र' उन्हें अगले दो महीनों में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष पर हमला करने का मौका देगा.
क्या बोले जयंत सिन्हा?
संसदीय वित्त समिति के अध्यक्ष और भाजपा के जयंत सिन्हा ने कहा है कि श्वेत पत्र उस दौरान देश की 'खराब आर्थिक स्थिति' को उजागर करेगा.
श्वेत पत्र में क्या होगा?
जयंत सिन्हा के मुताबिक, श्वेत पत्र में हम स्पष्ट करेंगे कि अर्थव्यवस्था की स्थिति (2014 से पहले) क्या थी? हम आर्थिक समस्याओं से कैसे निपटे?
बजट भाषण में किया था जिक्र
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सबसे पहले अपने बजट भाषण में एक श्वेत पत्र लाने का आह्वान किया था.
संकट में था भारत!
वित्त मंत्री का आह्वान में कहा गया था कि 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तब भारत संकट में था.
एक दिन बढ़ा सत्र
सीतारमण ने 1 फरवरी को कहा था कि सरकार सदन के पटल पर एक श्वेत पत्र रखेगी. इसके लिए मौजूदा बजट सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है.