Dr. Bhimrao Ambedkar जयंती पर शेयर करें उनके ये 10 अनमोल विचार
'स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का धर्म'
धर्म मनुष्य के लिए है, मनुष्य धर्म के लिए नहीं. मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो हमें स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे की सीख देता है.
'महानता की राह पर'
जीवन लंबा होने से ज्यादा महत्वपूर्ण है महान होना. जीवन को सार्थक और प्रभावशाली बनाने के लिए हमें महानता की ओर प्रयास करना चाहिए.
'स्वतंत्रता की सच्चाई'
कानून की स्वतंत्रता तब तक बेमानी है, जब तक सामाजिक स्वतंत्रता हासिल नहीं होती. सच्ची आजादी समाज में समानता और न्याय से मिलती है.
'महिला की उन्नति, समाज की प्रगति'
मैं किसी समाज की प्रगति को उसकी महिलाओं की प्रगति से मापता हूं. जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो समाज भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है.
'आधुनिक भारत की राह'
एक संयुक्त और एकीकृत आधुनिक भारत के लिए, सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना आवश्यक है. तभी हम एक समृद्ध और समरस समाज का निर्माण कर सकते हैं.
'परिवर्तन की पुकार'
हिंदू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए गुंजाइश नहीं होने की बात चिंतनीय है. क्या वाकई धर्म और तर्क एक साथ नहीं चल सकते?
'सत्ता की सच्चाई'
नैतिकता और अर्थशास्त्र के संघर्ष में अर्थशास्त्र की जीत होती है. निहित स्वार्थों को छोड़ने के लिए मजबूर करने वाला बल आवश्यक है, इतिहास गवाह है.
'बुद्धि का विकास'
बुद्धि का विकास मानव अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए. जो इतिहास को भूल जाते हैं, वे नया इतिहास नहीं बना सकते, ज्ञान ही शक्ति है.
'संविधान की रक्षा'
यदि मुझे लगता है कि संविधान का दुरुपयोग हो रहा है, तो मैं इसे बचाने के लिए सबसे पहले आवाज उठाऊंगा, क्योंकि यह हमारी सर्वोच्च शक्ति है.