10 साल बाद देश को मिलेगा नेता प्रतिपक्ष, जानें कब-कब खाली रही कुर्सी


India Daily Live
15 Jun 2024

10 साल खाली थी कुर्सी

    इससे पहले 2014 और 2019 किसी भी विपक्षी दल के पास 10 फीसदी सीट न होने पर ये कुर्सी खाली थी.

सबसे ज्यादा कांग्रेस

    हालांकि, इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खाली रही हो. इसका सबसे ज्यादा अनुभव कांग्रेस के पास है.

पहली बार कब बने

    1969 तक देश में विपक्ष का एक वास्तविक नेता होता था हालांकि, इस मान्यता नहीं थी. 1969 में पहली बार नेता प्रतिपक्ष बना.

1977 में मिली मान्यता

    इसके बाद साल 1977 में एक अधिनियम के जरिए नेता प्रतिपक्ष को मान्यता दी गई और उसके वेतन-भत्ते, अधिकार तय किए गए.

पहले नेता प्रतिपक्ष

    1969 में पहली बार कांग्रेस (O) के नेता राम सुभग सिंह नेता प्रतिपक्ष बने. इस समय इंदिरा गांधी PM थीं.

इंदिरा सरकार में खाली

    1970 से 1977 तक की इंदिरा सरकार में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली पड़ा रहा.

दूसरे कार्यकाल में भी खाली

    इसके बाद 1979 से 1984 की इंदिरा सरकार में भी किसी के पास नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं रहा.

राजीव गांधी की सरकार

    1984 से 1989 कर राजीव गांधी PM रहे तो उनकी सरकार में भी नेता प्रतिपक्ष का पद खाली पड़ा रहा.

मोदी सरकार में खाली

    इसके बाद 2014 से 2024 तक की मोदी सरकार में किसी दल के पास पर्याप्त संख्या न होने से ये कुर्सी खाली रही.

कांग्रेस का अनुभव

    कुल मिलाकर सबसे ज्यादा समय कांग्रेस की सरकार में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खाली रही.

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