क्या होगा जब टेम्प्रेचर पहुंच जाए 50°C, कैसे करेंगे सर्वाइव?


कई शहरों में बरस रही आसमानी आफत

    देश के कई हिस्सों में इन दिनों आसमानी आफत बरस रही है. राजस्थान के फलोदी में तो टेम्प्रेचर 50 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया है.

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आसमानी आफत झेलने में फलोदी नंबर-1

    फलोदी गर्मी के मामले में देश में नंबर वन हो गया है. आज देश के कुछ राज्यों, खासकर उत्तर भारत के कुछ शहरों के लिए हीटवेब का अलर्ट जारी किया गया है.

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क्या होता है, जब टेम्प्रेचर 50 के पार जाता है?

    आपको पता है कि अगर टेम्प्रेचर 50 या फिर इसके ऊपर जाता है, तो फिर क्या हो सकता है? बढ़े टेम्प्रेचर का हमारे शरीर पर क्या असर होगा? हमारा शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है?

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40 से 42 डिग्री पर ही होने लगती है ये दिक्कतें

    अगर टेम्प्रेचर 40 से 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचता है,तो फिर इंसान को सिरदर्द, उल्टी और शरीर में पानी की कमी जैसी शिकायत होने लगती है.

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45 या इससे ऊपर होती हैं ये दिक्कतें

    टेम्प्रेचर अगर 45 या फिर इससे ऊपर जाता है, तो फिर इंसानों को बेहोशी, चक्कर या बैचेनी की शिकायत होने लगती है. कई बार BP कम होने आम है.

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50 से पार टेम्प्रेचर, तो होगी ये दिक्कतें

    अगर पारा 50 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, तो फिर मांसपेशियां काम करना बंद कर सकती है. आपकी जान भी जा सकती है.

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क्यों होती हैं दिक्कतें?

    इंसानी शरीर में 70 फीसदी से ज्यादा पानी होता है. गर्मी में तापमान बढ़ने पर पसीना निकलता है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है.

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पानी का संतुलन बना रहना बेहद जरूरी

    गर्मी में पसीने के जरिए अधिकतर पानी निकल जाता है, ऐसे में शरीर में पानी का संतुलन बना रहना बेहद जरूरी है. पानी की कमी से कई दिक्कतें हो सकती हैं.

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कितना टेम्प्रेचर शरीर के लिए नॉर्मल

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंसान का शरीर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक का टेम्प्रेचर आसानी से झेल सकता है. जैसे ही 40 के पार टेम्प्रेचर जाता है, दिक्कतें होतीं हैं.

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50 के ऊपर टेम्प्रेचर में इन्हें ज्यादा दिक्कत

    एक्सपर्ट्स की मानें तो 50 से ऊपर टेम्प्रेचर का जाने क बाद डायबटिज, हार्ट, ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को सावधान रहना चाहिए.

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