यूं ही नहीं बन जाता कोई गगनवीर! ट्रेनिंग रोंगटे खड़ी करने वाली
India Daily Live
27 Feb 2024
गगनयान मिशन
भारत के गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाने वाले चारों गगनवीरों के नामों का ऐलान हो चुका है. पीएम मोदी ने गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों की जानकारी दी.
13 महीने की कड़ी ट्रेनिंग
चारों गगनवीरों की रूस में 13 महीने की कड़ी ट्रेनिंग हुई है. आइए जानते हैं कैसे रूस में भारत के गगनवीरों को अंतरिक्ष के माहौल के लिए तैयार किया गया.
रूस में ट्रेनिंग
रूस के Yuri Gagarin Cosmonaut Training Center केंद्र में अंतरिक्ष यात्रियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया गया है ताकि वो अंतरिक्ष में खुद को संतुलित रख पाएं.
जीरो ग्रेविटी का एक्सपीरियंस
चारों गगनवीरों को खास प्लेन के जरिए अंतरिक्ष के जीरो ग्रेविटी का एक्सपीरियंस कराया गया ताकि वो स्पेस के माहौल को समझ सकें.
घंटों की फिजिकल ट्रेनिंग
चारों गगनवीरों को विशेष ट्रेनर की देखरेख में रोजाना कई घंटों की कड़ी फिजिकल ट्रेनिंग दी गई है ताकि वो खुद को स्पेस में फिजिकली फिट रख सकें. ट्रेनिंग का माहौल पूरी तरह से स्पेस वाला था. इसके लिए उन्होंने घंटों पसीना बहाया है.
मेंटल ट्रेनिंग
गगनवीरों को योग और ध्यान के जरिए उन्हें अंतरिक्ष में मेंटली फिट रहने की खास ट्रेनिंग दी गई है ताकि स्पेस में विपरीत परिस्थितियों में वो मानसिक रूप से सही फैसला ले सकें.
बर्फ में खास ट्रेनिंग
अंतरिक्ष में तापमान बहुत ही कम होता है इसलिए गगनवीरों को बर्फ में खास ट्रेनिंग दी गई है ताकि वो स्पेस के एनवायरमेंट में खुद को एडजस्ट कर पाएं. ऑक्सीजन कम होने पर कैसे सर्वाइव कर पाएं इसकी ट्रेनिंग दी गई है.
सिमुलेटेड ट्रेनिंग
अंतरिक्ष यात्रियों को सिमुलेटेड ट्रेनिंग दी गई है. इस तरह की खास ट्रेनिंग में स्पेस का सिनेरियो तैयार किया जाता है. इसमें स्पेस मे चलना, समुद्र में लैंड करना आदि शामिल है. इमरजेंसी सिचुएशन में लाइफ सेविंग सिस्टम का इस्तेमाल करने की भी खास ट्रेनिंग दी गई है.
टेक्निकल ट्रेनिंग
चारों गगनवीरों को स्पेसक्राफ्ट के ऑपरेशन और खराब होने पर उन्हें ठीक करने की तकनीक और वैज्ञानिक ट्रेनिंग दी गई है. ताकि स्पेस में टेक्निकल दिक्कत आने पर उसे सही कर सकें.
ट्रेनिंग परीक्षा
चारों गगनवीरों को फिजिकली, मेंटली और टेक्निकली फिट है इसके लिए उन्हें एक कठिन ट्रेनिंग परीक्षा भी पास करनी पड़ी.