कश्मीर का वह मुसलमान नेता, जो गुनगुनाता है 'रामधुन'
India Daily Live
06 Sep 2024
संतों से मिलते हैं, रामधुन गाते हैं
कश्मीर का यह नेता संतों से मिलता है, संगीतमय प्रस्तुति देता है. मां के जयकारे लगाता है.
राम, राम राम...सार्वजनिक मंचों से पुकारते हैं राम
यह नेता सियासत में बेहद कद्दावर है लेकिन रामधुन गुनगुनाने का एक मौका भी नहीं छोड़ता है.
गेस कीजिए नाम?
इस नेता का नाम क्या है, जरा सोचिए. यह जम्मू-कश्मीर का पूर्व मुख्यमंत्री रह चुका है. केंद्रीय मंत्री रह चुका है.
नहीं समझे, लीजिए खत्म हुआ सस्पेंस
यह नेता और कोई नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला हैं.
रामधुन गाते हैं फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला कई बार सार्वजनिक मंचों से राम भजन गाते हैं, लोग मंत्रमुग्ध हो उन्हें सुनते हैं.
मंत्रमुग्ध कर देते हैं अब्दुल्ला के भजन
फारूक अब्दुल्ला के भजन सुनकर आप मंत्रमुग्ध रह जाएंगे. बहुत सुरीली आवाज में वह गाना गाते हैं.
'भगवान राम हमारे भी भगवान'
इस्लामिक नेता, सामान्यतौर पर हिंदू भगवानों को अपना भगवान नहीं कहते हैं लेकिन फारूक अब्दुल्ला खुद कई बार कह चुके हैं भगवान राम हमारे भी भगवान हैं.
'राम की नीतियां हैं पसंद'
फारूक अब्दुल्ला ने कपिल सिब्बल के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि राम सच्ची राह दिखाते हैं, बादशाह का पद ठुकराकर सच्चाई की राह पर चले.
सुनाते हैं रामकथा
फारूक अब्दुल्ला, रामकथा सुनाते हैं. वे रामायण के किस्से सुनाते हैं. वे भावुक हो जाते हैं, उन्हें राम कहानी बहुत पसंद है.
क्या देते हैं राम पर नसीहत
फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि राम, भेदभाव नहीं करते थे, सरकारों को उनके पथ पर चलना चाहिए, उन पर सियासत नहीं करनी चाहिए.